अगर आंखों में चला जाए रंग, तो ऐसे करें उनकी देखभाल

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अगर आंखों में चला जाए रंग, तो ऐसे करें उनकी देखभाल

सारांश

होली का त्योहार खुशी का प्रतीक है, लेकिन केमिकल रंग आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जानें, कैसे अपनी आंखों की देखभाल करें।

Key Takeaways

  • रंगों से आंखों का नुकसान हो सकता है।
  • घरेलू नुस्खों का उपयोग न करें।
  • सुरक्षित तरीके से आंखों की सफाई करें।
  • स्टेराइल सलाइन के उपयोग से मदद मिलेगी।
  • जलन कम करने के लिए ठंडे पानी का उपयोग करें।

नई दिल्ली, 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रंगों का पर्व होली खुशियों और उल्लास का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ केमिकल से बने रंग कई बार आनंद को ख़राब कर सकते हैं।

बाजार में हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की उपलब्धता तो है, लेकिन इनमें भी थोड़ी मात्रा में केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो त्वचा और विशेषकर आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है। हर साल होली के बाद आंखों में लालिमा, सूजन और जलन की समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसी कारण आंखों की देखभाल करना अत्यंत आवश्यक है।

रंगों में मौजूद सिंथेटिक पाउडर आंखों में दर्द और संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, धातु और क्षारीय तत्व कॉर्निया को नुकसान पहुँचाते हैं और सूजन पैदा करते हैं। रंगों के अलावा, तेज छींटे या पानी के गुब्बारे भी आंखों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं। यदि आपकी आंखों में गलती से रंग चला गया है और खुजली या जलन हो रही है, तो कुछ सरल उपाय हैं जिनसे आप घर पर ही अपनी आंखों की देखभाल कर सकते हैं।

अगर आंखों में रंग चला जाए तो घबराएं नहीं और रगड़ने से बचें। रगड़ने से कॉर्निया में खरोंच आ सकती है और रसायन आंखों की सतह में गहराई तक जा सकते हैं। पहले अपने हाथों को धोएं, फिर आंखों के आसपास के हिस्से को साफ कपड़े से साफ करें। आंखों को गुनगुना पानी से धोने से बचें। अगर आंखों में जलन या किसी प्रकार की समस्या है, तो आंखों को स्टेराइल सलाइन से धो सकते हैं, यह आंखों को गहराई से साफ करने में मदद करेगा।

इसके अलावा, सिर को एक तरफ झुकाएं और पानी को आंख के अंदरूनी कोने से बाहर की ओर बहने दें। इस दौरान आंखों की पलकों को लगातार झपकाते रहें, ताकि धूल और रंग बाहर निकल जाए। इस प्रक्रिया को कम से कम 15 मिनट तक करें। इससे आंखों को ठंडक मिलेगी और जलन कम होगी।

अब सवाल यह है कि क्या न करें। आंखों में रंग चले जाने पर कुछ लोग घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं, जिससे आंखों की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। आंखों की जलन को कम करने के लिए गुलाब जल, दूध, घी या किसी तरह की देसी चीज का इस्तेमाल न करें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी ड्रॉप्स का प्रयोग न करें।

Point of View

लेकिन इस दौरान केमिकल से बने रंग आंखों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, आंखों की देखभाल करना अत्यंत आवश्यक है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

अगर आंखों में रंग चला जाए, तो क्या करना चाहिए?
आंखों को रगड़ने से बचें, हाथ धोकर आंखों के आसपास साफ करें और स्टेराइल सलाइन से धोएं।
क्या घरेलू नुस्खे आंखों के लिए सुरक्षित हैं?
गुलाब जल, दूध या घी का इस्तेमाल न करें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई ड्रॉप्स न लगाएं।
आंखों की जलन को कैसे कम करें?
आंखों को गुनगुने पानी से धोने से बचें और सिर को एक तरफ झुकाकर पानी बहने दें।
क्या हर्बल रंग भी हानिकारक होते हैं?
हां, हर्बल रंगों में भी केमिकल हो सकते हैं, जो आंखों के लिए हानिकारक होते हैं।
कितनी देर तक आंखों को धोना चाहिए?
आंखों को कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए।
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