क्या आप जोड़ों के दर्द और थकान से परेशान हैं? जानिए 'ब्रिज पोज' के फायदे
सारांश
Key Takeaways
- योगासन से शरीर में आराम मिलता है।
- तनाव और चिंता को कम करने में सहायक।
- उम्रदराज लोगों के लिए विशेष लाभ।
- पाचन तंत्र को सक्रिय करता है।
- साधारण तकनीक से आसानी से किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 4 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में जोड़ों में अकड़न, कमर दर्द, थकान, तनाव और पाचन संबंधी कई शारीरिक बदलाव आने लगते हैं। धीरे-धीरे शरीर कमजोर पड़ने लगता है और रोगों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन नियमित योग अभ्यास इन बदलावों को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकता है।
एक प्रभावी योगासन है, सेतुबंधासन, जिसे अंग्रेजी में ब्रिज पोज कहा जाता है। यह आसन शरीर को पुल की तरह बनाता है, और विशेष रूप से उम्रदराज लोगों के लिए यह अत्यंत लाभदायक है। हालांकि, इसके साथ नियमित आहार का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
आयुष मंत्रालय ने इसके महत्व को रेखांकित किया है। उनके अनुसार, यह आसन पीठ, कूल्हों और कंधों को मजबूत बनाने, थायरॉइड को संतुलित करने और तनाव को कम करने के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसे करने से रीढ़ की हड्डी लचीली और पाचन तंत्र बेहतर होता है।
इसे करना बेहद सरल है। सबसे पहले, योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें, इनका फासला कूल्हों जितना रखें। हाथों को शरीर के बगल में सीधा रखें और हथेलियां जमीन की तरफ हों। गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी कमर, नितंब और पीठ को ऊपर उठाएं। ध्यान रहे कि गर्दन और सिर जमीन पर ही टिके रहें। जांघों और पैरों को एक-दूसरे के समानांतर रखें। इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रुकें।
अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं। इसे 3-5 बार दोहराएं। शुरुआत में 10-15 सेकंड का अभ्यास पर्याप्त है।
इससे शरीर को धीरे-धीरे आराम मिलेगा। हालांकि, शुरुआती लोगों को इसे करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है, लेकिन नियमित अभ्यास से शरीर खुलना शुरू हो जाएगा।
यह तनाव, चिंता और हल्के अवसाद को कम करने में सहायक है। साथ ही, यह पेट के अंगों को सक्रिय करके पाचन में सुधार करता है और छाती को खोलकर फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। इसके अलावा, यह मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं और मेनोपॉज से संबंधित दिक्कतों को कम करने में भी मदद करता है।