शुरुआत करने वालों के लिए बेहतरीन तीन योग आसन, जानें कैसे करें योग की शुरूआत
सारांश
Key Takeaways
- ताड़ासन - रीढ़ को सीधा करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
- वज्रासन - पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
- भुजंगासन - तनाव कम करता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है।
- सिर्फ 10-15 मिनट का नियमित अभ्यास शरीर और मन को स्वस्थ रखता है।
- शुरुआत में योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना चाहिए।
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यदि आप योग की शुरुआत करना चाहते हैं परंतु यह नहीं जानते कि कौन से आसन सबसे सरल और लाभदायक हैं, तो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की सलाह आपके लिए उपयोगी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती लोगों के लिए ताड़ासन, वज्रासन और भुजंगासन सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। ये तीनों आसन घर पर आसानी से किए जा सकते हैं और केवल 10 से 15 मिनट के नियमित अभ्यास से शरीर लचीला, मांसपेशियां मजबूत और मन शांत रहता है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि इन आसनों से शारीरिक और मानसिक समस्याओं से निजात पाई जा सकती है। शुरूआत में धीरे-धीरे अभ्यास करें और सांस पर ध्यान केंद्रित करें। नियमितता बनाए रखने से जल्दी अच्छे परिणाम मिलते हैं। शुरुआती लोगों को योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही अभ्यास करना चाहिए।
ताड़ासन :- यह सबसे सरल और बुनियादी आसन है, जो योग की मजबूत नींव तैयार करता है। इसके लिए दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। हाथों को ऊपर उठाकर उंगलियों को मिलाएं और पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें। एड़ियों को हल्का सा उठाएं, इस दौरान सांस को सामान्य रखें। यह आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा करता है, कद बढ़ाने में मदद करता है, रक्त संचार में सुधार करता है और एकाग्रता को भी बढ़ाता है। शुरुआती लोगों के लिए ताड़ासन में 20 से 30 सेकंड का समय बिताना पर्याप्त है। धीरे-धीरे इसे 1 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है। सुबह खाली पेट इसे करना सबसे अच्छा रहता है।
वज्रासन :- यह आसन भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। इसके लिए घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें। दोनों घुटने पास रखें, हाथों को जांघों पर रखें और पीठ तथा गर्दन को सीधा रखें। आंखें बंद करके शांत रहें। यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, घुटनों को सशक्त बनाता है, कमर दर्द से राहत देता है और ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ मुद्रा प्रदान करता है। नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी भी कम होती है। शुरुआती लोगों को वज्रासन में 3 से 5 मिनट का अभ्यास करना चाहिए। बाद में धीरे-धीरे 10-15 मिनट तक बढ़ा सकते हैं।
भुजंगासन :- इस आसन के लिए पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को जमीन पर रखें। सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं, सिर को पीछे झुकाएं और नजरें छत की तरफ रखें। इस मुद्रा में 15-20 सेकंड तक रुकें, फिर धीरे-धीरे वापस आएं। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और तनाव को दूर करता है। यह फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ाता है। कब्ज और थकान में भी राहत मिलती है। शुरुआती लोगों के लिए भुजंगासन को 15-20 सेकंड तक करना पर्याप्त है। इसे 3-5 बार दोहराएं। समय बढ़ाने से पहले शरीर की क्षमता का ध्यान रखें। ये तीन आसन योग की अच्छी शुरुआत देते हैं। रोजाना 10-15 मिनट का अभ्यास करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।