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17वीं पेंशन अदालत सोमवार को: डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 897 शिकायतों पर होगी सुनवाई

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17वीं पेंशन अदालत सोमवार को: डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 897 शिकायतों पर होगी सुनवाई

सारांश

केंद्र सरकार की 17वीं पेंशन अदालत सोमवार को नई दिल्ली में बैठेगी — 24 मंत्रालयों से जुड़ी 897 लंबित शिकायतें सुनवाई की कतार में हैं। 2017 से अब तक 71.79% सफलता दर के साथ यह पहल मुकदमेबाजी का कारगर विकल्प बनकर उभरी है।

मुख्य बातें

जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली के आईआईपीए में 17वीं पेंशन अदालत आयोजित होगी।
24 मंत्रालयों और विभागों से संबंधित 897 लंबित शिकायतें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।
कार्यवाही हाइब्रिड मोड में होगी — शारीरिक उपस्थिति और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दोनों विकल्प उपलब्ध।
16वीं पेंशन अदालत ( 13 मई ) की उपलब्धियों का पर्चा और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए FAQ पुस्तिका जारी होगी।
2017 से अब तक 16 संस्करणों में 28,797 में से 20,676 शिकायतें मौके पर हल; सफलता दर 71.79% ।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के आईआईपीए स्थित टीएन चतुर्वेदी मेमोरियल हॉल में 17वीं पेंशन अदालत आयोजित की जाएगी। इस अदालत में केंद्रीय सरकारी वरिष्ठतम पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतों के निवारण के लिए सुनवाई की जाएगी।

शिकायतों का स्वरूप और मंत्रालय

सुनवाई के लिए सूचीबद्ध ये 897 शिकायतें देशभर के 24 मंत्रालयों और विभागों से संबंधित हैं। इन्हें सीपीएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज किया गया था और अब इन्हें पेंशन अदालत में निवारण के लिए विधिवत सूचीबद्ध किया गया है।

गौरतलब है कि पेंशन अदालत विशेष रूप से उन शिकायतों के लिए है जो लंबे समय से लंबित हैं और जिनका सामान्य प्रशासनिक माध्यमों से समाधान नहीं हो पाया है।

हाइब्रिड मोड में होगी भागीदारी

देशभर से वरिष्ठतम पेंशनभोगी, पारिवारिक पेंशनभोगी और उनके परिजन इस कार्यवाही में हाइब्रिड मोड के माध्यम से भाग ले सकेंगे। शिकायतकर्ताओं को शारीरिक रूप से उपस्थित होने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने का विकल्प दिया गया है, जिससे दूरदराज के पेंशनभोगियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

16वीं अदालत की सफलता और नए प्रकाशन

कार्यवाही के दौरान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 13 मई को आयोजित 16वीं पेंशन अदालत की उपलब्धियों को रेखांकित करने वाले पर्चे जारी करेंगे। इसके साथ ही, पारिवारिक पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) की एक पुस्तिका भी जारी की जाएगी, जिससे पेंशनभोगियों को प्रक्रियागत जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके।

पेंशन अदालत की पृष्ठभूमि और सफलता दर

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 2017 में शुरू की गई पेंशन अदालत केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक अभिनव वैकल्पिक तंत्र है। यह महंगे और समय लेने वाले न्यायालयी मामलों की आवश्यकता को समाप्त कर एक 'समग्र सरकारी दृष्टिकोण' के तहत कार्य करती है।

अपने पिछले 16 संस्करणों में पेंशन अदालत ने कुल 28,797 शिकायतों में से 20,676 का मौके पर ही समाधान किया है, जो 71.79 प्रतिशत की प्रभावशाली सफलता दर है। शेष मामलों का निपटारा संबंधित पेंशन अदालतों के बाद अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों के माध्यम से किया गया है।

आगे की राह

17वीं पेंशन अदालत इस पहल का नवीनतम और महत्वपूर्ण संस्करण है। यह ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार मुकदमेबाजी घटाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस सत्र में शामिल शिकायतों के निवारण की गति और परिणाम यह तय करेंगे कि क्या यह अदालत अपनी पिछली सफलता दर को बनाए रख पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'मौके पर समाधान' का वास्तविक अर्थ क्या है — क्या भुगतान तुरंत होता है, या केवल फाइल आगे बढ़ती है? 28,797 में से शेष 8,000 से अधिक शिकायतें 'अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों' के हवाले हैं, जो पारदर्शिता की कमी का संकेत देती हैं। यह पहल मुकदमेबाजी घटाने की दिशा में सकारात्मक कदम है, किंतु जब तक प्रत्येक शिकायत के समाधान की समयसीमा और जवाबदेही सार्वजनिक नहीं होती, यह 'त्वरित निवारण' का दावा अधूरा रहेगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17वीं पेंशन अदालत क्या है और यह कब आयोजित होगी?
17वीं पेंशन अदालत सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के आईआईपीए स्थित टीएन चतुर्वेदी मेमोरियल हॉल में आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे और इसमें 897 लंबित शिकायतों पर सुनवाई होगी।
इस पेंशन अदालत में किन शिकायतों की सुनवाई होगी?
इस अदालत में 24 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से संबंधित वरिष्ठतम पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतें सूचीबद्ध हैं। ये शिकायतें सीपीएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज की गई थीं।
पेंशन अदालत में भाग लेने का तरीका क्या है?
शिकायतकर्ता पेंशन अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित होकर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग ले सकते हैं। हाइब्रिड मोड की यह व्यवस्था दूरदराज के पेंशनभोगियों और उनके परिजनों की भागीदारी सुनिश्चित करती है।
अब तक पेंशन अदालतों की कितनी सफलता रही है?
2017 में शुरू होने के बाद से पेंशन अदालत के 16 संस्करणों में 28,797 शिकायतों में से 20,676 का मौके पर समाधान किया गया है, जो 71.79% की सफलता दर है। शेष मामलों का निपटारा अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों के माध्यम से किया गया है।
पेंशन अदालत का उद्देश्य क्या है?
पेंशन अदालत केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों की जटिल और लंबे समय से लंबित शिकायतों के त्वरित, कुशल और लागत-प्रभावी समाधान के लिए बनाई गई है। यह महंगे न्यायालयी मामलों का एक वैकल्पिक तंत्र है और 'समग्र सरकारी दृष्टिकोण' की भावना से कार्य करती है।
राष्ट्र प्रेस
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