17वीं पेंशन अदालत सोमवार को: डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 897 शिकायतों पर होगी सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार, 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के आईआईपीए स्थित टीएन चतुर्वेदी मेमोरियल हॉल में 17वीं पेंशन अदालत आयोजित की जाएगी। इस अदालत में केंद्रीय सरकारी वरिष्ठतम पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतों के निवारण के लिए सुनवाई की जाएगी।
शिकायतों का स्वरूप और मंत्रालय
सुनवाई के लिए सूचीबद्ध ये 897 शिकायतें देशभर के 24 मंत्रालयों और विभागों से संबंधित हैं। इन्हें सीपीएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज किया गया था और अब इन्हें पेंशन अदालत में निवारण के लिए विधिवत सूचीबद्ध किया गया है।
गौरतलब है कि पेंशन अदालत विशेष रूप से उन शिकायतों के लिए है जो लंबे समय से लंबित हैं और जिनका सामान्य प्रशासनिक माध्यमों से समाधान नहीं हो पाया है।
हाइब्रिड मोड में होगी भागीदारी
देशभर से वरिष्ठतम पेंशनभोगी, पारिवारिक पेंशनभोगी और उनके परिजन इस कार्यवाही में हाइब्रिड मोड के माध्यम से भाग ले सकेंगे। शिकायतकर्ताओं को शारीरिक रूप से उपस्थित होने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने का विकल्प दिया गया है, जिससे दूरदराज के पेंशनभोगियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
16वीं अदालत की सफलता और नए प्रकाशन
कार्यवाही के दौरान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 13 मई को आयोजित 16वीं पेंशन अदालत की उपलब्धियों को रेखांकित करने वाले पर्चे जारी करेंगे। इसके साथ ही, पारिवारिक पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) की एक पुस्तिका भी जारी की जाएगी, जिससे पेंशनभोगियों को प्रक्रियागत जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके।
पेंशन अदालत की पृष्ठभूमि और सफलता दर
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 2017 में शुरू की गई पेंशन अदालत केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक अभिनव वैकल्पिक तंत्र है। यह महंगे और समय लेने वाले न्यायालयी मामलों की आवश्यकता को समाप्त कर एक 'समग्र सरकारी दृष्टिकोण' के तहत कार्य करती है।
अपने पिछले 16 संस्करणों में पेंशन अदालत ने कुल 28,797 शिकायतों में से 20,676 का मौके पर ही समाधान किया है, जो 71.79 प्रतिशत की प्रभावशाली सफलता दर है। शेष मामलों का निपटारा संबंधित पेंशन अदालतों के बाद अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों के माध्यम से किया गया है।
आगे की राह
17वीं पेंशन अदालत इस पहल का नवीनतम और महत्वपूर्ण संस्करण है। यह ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार मुकदमेबाजी घटाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस सत्र में शामिल शिकायतों के निवारण की गति और परिणाम यह तय करेंगे कि क्या यह अदालत अपनी पिछली सफलता दर को बनाए रख पाती है।