6 अगस्त 2026
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मध्य प्रदेश 24 घंटे ग्रीन एनर्जी आपूर्ति को प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान

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मध्य प्रदेश 24 घंटे ग्रीन एनर्जी आपूर्ति को प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान

सारांश

मध्य प्रदेश सिर्फ ऊर्जा उत्पादन नहीं, बल्कि चौबीसों घंटे ग्रीन एनर्जी देने की दौड़ में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में टेंडर जारी होने की पुष्टि की — और दिल्ली मेट्रो को MP की बिजली से चलाने का दावा इस महत्वाकांक्षा को ठोस आधार देता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 7वें अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में मध्य प्रदेश की ऊर्जा उपलब्धियाँ प्रस्तुत कीं।
राज्य ने 24 घंटे ग्रीन एनर्जी आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किए हैं — देश के चुनिंदा राज्यों में से एक।
पिछले 12 वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि; नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास नीतियाँ लागू।
दिल्ली मेट्रो का संचालन मध्य प्रदेश में उत्पादित बिजली से किया जा रहा है।
राज्य का दावा — देश में सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन मध्य प्रदेश में हो रहा है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 7वें अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन और प्रदर्शनी-2026 में घोषणा की कि मध्य प्रदेश चौबीसों घंटे ग्रीन एनर्जी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रसर है और इसके लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश के सबसे तेज़ी से उभरते राज्यों में शुमार हो चुका है।

मुख्यमंत्री की घोषणा और प्रतिबद्धता

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "मुझे खुशी है कि मध्य प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। आम तौर पर सोलर और विंड एनर्जी सीमित घंटों के लिए ही उपलब्ध होती है, लेकिन मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल है जो चौबीसों घंटे रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं और इसके लिए टेंडर भी जारी कर चुके हैं। हम दुनिया को यह दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हम 24 घंटे ग्रीन एनर्जी की सप्लाई कर सकते हैं।"

इस सम्मेलन में केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

मध्य प्रदेश की ऊर्जा उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना चुका है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली मेट्रो का संचालन भी मध्य प्रदेश में उत्पादित बिजली से किया जा रहा है — जो राज्य की ऊर्जा क्षमता का एक ठोस प्रमाण है।

यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण और बायोमास से संबंधित नीतियाँ लागू कर निवेश व नवाचार को नई गति दी है।

देश की सबसे सस्ती बिजली का दावा

मुख्यमंत्री के अनुसार, मध्य प्रदेश में देश की सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब देशभर में बिजली की बढ़ती माँग और नवीकरणीय स्रोतों की ओर संक्रमण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है। गौरतलब है कि राउंड-द-क्लॉक (RTC) ग्रीन एनर्जी आपूर्ति अभी भी देश के अधिकांश राज्यों के लिए एक चुनौती बनी हुई है।

राष्ट्रीय संदर्भ में मध्य प्रदेश की भूमिका

7वाँ अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब भारत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश का पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज और बायोमास नीति ढाँचा इस दिशा में एक मॉडल के रूप में उभर सकता है। आने वाले समय में राज्य की 24×7 ग्रीन एनर्जी परियोजना की व्यावहारिक सफलता यह तय करेगी कि यह प्रतिबद्धता महज़ घोषणा है या एक दीर्घकालिक ऊर्जा बदलाव की नींव।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राउंड-द-क्लॉक नवीकरणीय आपूर्ति तकनीकी और आर्थिक रूप से अभी भी भारत के अधिकांश राज्यों के लिए अनसुलझी चुनौती है। टेंडर जारी होना एक सकारात्मक कदम है, पर असली कसौटी यह होगी कि ये परियोजनाएँ समयसीमा में चालू होती हैं या नहीं। दिल्ली मेट्रो को MP की बिजली से चलाने का दावा राज्य की क्षमता का ठोस प्रमाण देता है, लेकिन 'सबसे सस्ती बिजली' जैसे दावों को स्वतंत्र ऊर्जा नियामक आँकड़ों से सत्यापित किया जाना चाहिए।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश 24 घंटे ग्रीन एनर्जी कैसे देगा?
मध्य प्रदेश ने राउंड-द-क्लॉक नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किए हैं, जिसमें सोलर और विंड एनर्जी को पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज और बायोमास जैसे स्रोतों के साथ जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, यह राज्य को चौबीसों घंटे ग्रीन एनर्जी देने में सक्षम बनाएगा।
7वाँ अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन 2026 कहाँ हुआ?
यह सम्मेलन 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भाग लिया।
मध्य प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पिछले वर्षों में कितनी बढ़ी है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में मध्य प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य ने नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास नीतियाँ लागू कर निवेश व नवाचार को बढ़ावा दिया है।
क्या दिल्ली मेट्रो वाकई मध्य प्रदेश की बिजली से चलती है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मेलन में दावा किया कि दिल्ली मेट्रो का संचालन मध्य प्रदेश में उत्पादित बिजली से किया जा रहा है। यह राज्य की बढ़ती ऊर्जा उत्पादन क्षमता और अंतर-राज्यीय बिजली व्यापार का उदाहरण है।
मध्य प्रदेश की बिजली देश में सबसे सस्ती कैसे है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, मध्य प्रदेश में देश की सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसका श्रेय नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों और बड़े पैमाने पर सोलर-विंड परियोजनाओं को जाता है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आँकड़ों का संदर्भ लेना उचित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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