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29 अप्रैल पंचांग 2025: सर्वार्थ सिद्धि योग आज, अभिजीत मुहूर्त नहीं, जानें राहुकाल का सटीक समय

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29 अप्रैल पंचांग 2025: सर्वार्थ सिद्धि योग आज, अभिजीत मुहूर्त नहीं, जानें राहुकाल का सटीक समय

सारांश

29 अप्रैल 2025 को बुधवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:43 से रात 12:16 तक रहेगा। भद्रा का साया नहीं, लेकिन अभिजीत मुहूर्त का लोप रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:19 से 1:58 बजे तक — जानें पूरे दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

मुख्य बातें

29 अप्रैल 2025 को त्रयोदशी तिथि शाम 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगी।
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:43 से रात 12:16 तक — खरीदारी, निवेश और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ।
आज अभिजीत मुहूर्त का लोप रहेगा और भद्रा का साया भी नहीं।
राहुकाल दोपहर 12:19 से 1:58 बजे तक — इस समय शुभ कार्य वर्जित।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:17 से 5:00 बजे तक; अमृत काल शाम 5:51 से 7:34 बजे तक।
बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित — विधिवत पूजा से बाधाएं दूर होती हैं।

नई दिल्ली। 29 अप्रैल 2025 के दिन का पंचांग कई मायनों में विशेष है — इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, लेकिन साथ ही अभिजीत मुहूर्त का लोप रहेगा। बुधवार को त्रयोदशी तिथि (शाम 7 बजकर 52 मिनट तक) और भद्रा का साया न होने के कारण यह दिन शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।

बुधवार का धार्मिक महत्व और गणेश पूजा

बुधवार का दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और संपत्ति में वृद्धि होती है। 29 अप्रैल को कोई मासिक त्योहार नहीं है, फिर भी सर्वार्थ सिद्धि योग इस दिन को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है।

शुभ मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त से अमृत काल तक

दृक पंचांग के अनुसार, 29 अप्रैल 2025 के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4 बजकर 17 मिनट से सुबह 5 बजे तक। गोधूलि मुहूर्तशाम 6 बजकर 54 मिनट से शाम 7 बजकर 16 मिनट तक। अमृत कालशाम 5 बजकर 51 मिनट से शाम 7 बजकर 34 मिनट तक। यह समय नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग — सभी कार्यों की सफलता का मुहूर्त

आज के दिन का सबसे विशेष पहलू सर्वार्थ सिद्धि योग है, जो सुबह 5 बजकर 43 मिनट से रात 12 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में आरंभ किए गए कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होते हैं और उत्तम फल मिलता है। खरीदारी, निवेश, नया व्यवसाय या मांगलिक कार्य — सभी के लिए यह मुहूर्त लाभकारी माना जाता है। गौरतलब है कि अभिजीत मुहूर्त का आज लोप रहेगा, इसलिए सर्वार्थ सिद्धि योग ही मुख्य शुभ काल के रूप में उपयोगी है।

अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक काल और यमगण्ड

29 अप्रैल 2025 के अशुभ काल और उनके समय इस प्रकार हैं:

राहुकालदोपहर 12 बजकर 19 मिनट से दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक। गुलिक कालसुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक। वर्ज्य कालसुबह 7 बजकर 35 मिनट से सुबह 9 बजकर 18 मिनट तक। यमगण्ड कालसुबह 7 बजकर 22 मिनट से सुबह 9 बजकर 1 मिनट तक। दुर्मुहूर्तदोपहर 11 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक। इन समयों में कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।

आज का संक्षिप्त पंचांग सारांश

यह ऐसे समय में आया है जब वैशाख मास के शुभ दिनों में श्रद्धालु धार्मिक कार्यों की योजना बना रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग की उपस्थिति और भद्रा का अभाव इस दिन को विशेष रूप से कार्यसिद्धि के लिए अनुकूल बनाता है। आने वाले दिनों में भी ऐसे शुभ संयोगों पर नजर रखना धार्मिक दृष्टि से लाभकारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि करोड़ों भारतीयों की दैनिक निर्णय-प्रक्रिया का हिस्सा है — चाहे विवाह हो, व्यापार हो या गृह प्रवेश। 29 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग और भद्रा का अभाव एक साथ होना दुर्लभ संयोग है, लेकिन अभिजीत मुहूर्त का लोप यह याद दिलाता है कि हर दिन सभी शुभ योग एक साथ नहीं मिलते। मुख्यधारा की मीडिया अक्सर पंचांग को महज अंधविश्वास बताकर खारिज करती है, जबकि इसका खगोलीय आधार और सांस्कृतिक महत्व गहरा है। राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए इस ज्ञान को सटीकता और सम्मान के साथ प्रस्तुत करना जरूरी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 अप्रैल 2025 को सर्वार्थ सिद्धि योग कब से कब तक है?
29 अप्रैल 2025 को सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 43 मिनट से रात 12 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। यह योग नए कार्यों, खरीदारी, निवेश और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
29 अप्रैल को राहुकाल का समय क्या है?
29 अप्रैल 2025 को राहुकाल दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।
29 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त क्यों नहीं है?
29 अप्रैल 2025, बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त का लोप रहेगा। पंचांग के अनुसार बुधवार को सामान्यतः अभिजीत मुहूर्त नहीं लगता, इसलिए इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग को मुख्य शुभ काल के रूप में उपयोग करें।
29 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल कब है?
29 अप्रैल 2025 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट से 5 बजे तक और अमृत काल शाम 5 बजकर 51 मिनट से शाम 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ये दोनों समय पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं।
29 अप्रैल की तिथि क्या है और भद्रा का क्या असर है?
29 अप्रैल 2025 को त्रयोदशी तिथि शाम 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इस दिन भद्रा का साया नहीं है, जिससे शुभ कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं है और दिन को शुभ माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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