8 अक्टूबर 2026
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57वीं जीएसटी परिषद बैठक: राज्यों ने सराहा, कारोबारियों को पंजीकरण से रिफंड तक राहत

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57वीं जीएसटी परिषद बैठक: राज्यों ने सराहा, कारोबारियों को पंजीकरण से रिफंड तक राहत

सारांश

57वीं जीएसटी परिषद बैठक महज एक नीतिगत चर्चा नहीं थी — यह कारोबारी राहत का ऐलान था। पंजीकरण से रिफंड तक प्रक्रियाओं की सरलता और अनावश्यक गिरफ्तारी पर रोक ने इसे त्योहारी सीज़न की 'दिवाली सौगात' बना दिया।

मुख्य बातें

57वीं जीएसटी परिषद की बैठक 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें व्यापक सुधारों को मंज़ूरी दी गई।
पंजीकरण से रिफंड तक की प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया; जीएसटी कानून के तहत अनावश्यक गिरफ्तारी पर राहत का प्रावधान।
दिल्ली CM रेखा गुप्ता , गोवा CM प्रमोद सावंत , UP वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पश्चिम बंगाल वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने सुधारों का स्वागत किया।
3 सितंबर की पिछली बैठक में दरों के युक्तिकरण से आम जनता को राहत दी गई थी; इस बार का फोकस कारोबारियों पर।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना और प्रस्तावों का तर्कसंगतकरण इस बार के संरचनात्मक सुधारों का मुख्य आधार।

नई दिल्ली में 8 अक्टूबर 2026 को संपन्न 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कई राज्यों के वित्त मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने इसमें लिए गए फैसलों की सराहना की। नेताओं ने कहा कि इस बैठक में जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने, कारोबारियों की समस्याओं को दूर करने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक की सराहना करते हुए कहा कि जीएसटी परिषद की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी राज्य एक मंच पर बैठकर नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने और जीएसटी के ढाँचे को सरल बनाने पर विचार-विमर्श करते हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में जीएसटी के बेहतर और प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी बैठक में लाए गए सुधारों का स्वागत किया। उनका कहना था कि इन सुधारों से लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी और व्यापार करना आसान होगा।

राज्यों की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि जीएसटी उनके राज्य के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने बताया कि इस बार के संरचनात्मक सुधारों में विभिन्न प्रस्तावों को तर्कसंगत बनाने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को प्रोत्साहित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया। दासगुप्ता ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि दीर्घकालिक दृष्टि से पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को इन बदलावों से लाभ होगा क्योंकि कामकाज आसान होने से निवेश का माहौल बेहतर बनेगा।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जीएसटी नियमों का अनुपालन राज्य के लिए अक्सर चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन अब इस विषय पर अधिक जागरूकता आई है।

कारोबारियों को राहत

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि जब भी कारोबारियों की ओर से शिकायतें आती थीं, उन्हें दूर करने के लिए जीएसटी परिषद ही सबसे उपयुक्त मंच साबित हुई है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि कारोबारियों को किसी तरह के उत्पीड़न से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए हैं।

खन्ना ने बताया कि 3 सितंबर की पिछली बैठक में दरों के युक्तिकरण के ज़रिए देश की आम जनता को राहत दी गई थी, और अब 57वीं बैठक में पंजीकरण से लेकर रिफंड तक की प्रक्रियाओं को सरल बनाकर कारोबारियों को राहत दी गई है। उन्होंने इसे कारोबारियों के लिए 'दिवाली सौगात' की संज्ञा दी। खन्ना ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जीएसटी कानून के तहत अनावश्यक गिरफ्तारी को लेकर भी राहत के प्रावधान किए गए हैं।

आम जनता पर असर

आलोचकों का कहना है कि जीएसटी सुधारों की वास्तविक परीक्षा तब होगी जब इन्हें ज़मीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि जीएसटी लागू होने के बाद से अनुपालन बोझ, छोटे व्यापारियों के लिए तकनीकी जटिलताएँ और रिफंड में देरी जैसी समस्याएँ लगातार सामने आती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न से पहले कारोबारी वर्ग प्रक्रियागत राहत की उम्मीद लगाए बैठा था।

क्या होगा आगे

57वीं जीएसटी परिषद बैठक में लिए गए फैसलों को अमल में लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। कारोबारी संगठनों की नज़र अब यह देखने पर होगी कि पंजीकरण और रिफंड प्रक्रिया में सरलीकरण के ऐलान ज़मीन पर किस रफ्तार से उतरते हैं। अनावश्यक गिरफ्तारी पर रोक के प्रावधान को लागू करने की दिशा में विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अनुपालन बोझ और रिफंड देरी की शिकायतें हर बैठक के बाद भी बनी रही हैं। अनावश्यक गिरफ्तारी पर राहत का प्रावधान स्वागत योग्य है, लेकिन इसके क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देशों का अभाव अभी भी चिंता का विषय है। व्यापारी वर्ग इस बार के ऐलानों को 'दिवाली सौगात' मान रहा है, पर वास्तविक परीक्षण तब होगा जब अगली तिमाही के रिफंड और पंजीकरण के आँकड़े आएंगे।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

57वीं जीएसटी परिषद बैठक में कारोबारियों को क्या राहत मिली?
57वीं जीएसटी परिषद बैठक में पंजीकरण से लेकर रिफंड तक की प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और जीएसटी कानून के तहत अनावश्यक गिरफ्तारी पर राहत के प्रावधान किए गए। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसे कारोबारियों के लिए 'दिवाली सौगात' बताया।
57वीं जीएसटी परिषद बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल हुए।
किन राज्यों ने 57वीं जीएसटी परिषद के फैसलों का समर्थन किया?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बैठक के फैसलों का स्वागत किया। सभी ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने और जीएसटी को सरल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की तारीफ की।
3 सितंबर की जीएसटी बैठक और 57वीं बैठक में क्या फर्क है?
3 सितंबर की बैठक में दरों के युक्तिकरण के ज़रिए आम जनता को राहत दी गई थी। 57वीं बैठक का फोकस कारोबारियों पर रहा, जिसमें प्रक्रियागत सरलीकरण और अनावश्यक गिरफ्तारी पर रोक जैसे उपाय शामिल हैं।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के लिए जीएसटी परिषद ने क्या किया?
57वीं जीएसटी परिषद बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को तर्कसंगत बनाया गया और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को प्राथमिकता दी गई। पंजीकरण और रिफंड प्रक्रिया में सुधार के साथ-साथ जीएसटी नियमों के अनुपालन को आसान बनाने पर भी ज़ोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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