8 अक्टूबर 2026
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अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति फर्जीवाड़ा: राजस्थान पुलिस ने पश्चिम बंगाल से 63 वर्षीय आरोपी को दबोचा

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अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति फर्जीवाड़ा: राजस्थान पुलिस ने पश्चिम बंगाल से 63 वर्षीय आरोपी को दबोचा

सारांश

राजस्थान पुलिस की विशेष टीम ने हज़ारों किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल तक पहुँचकर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में 63 वर्षीय मोहम्मद अलाउद्दीन को गिरफ्तार किया। पीएसपी पोर्टल पर फर्जी आवेदनों से राशि हड़पने का यह मामला अन्य राज्यों तक फैले नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

राजस्थान पुलिस ने 7 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले से 63 वर्षीय मोहम्मद अलाउद्दीन को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि पीएसपी पोर्टल पर फर्जी ऑनलाइन आवेदनों के ज़रिये अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की राशि अवैध रूप से हासिल की गई।
मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा ने अजमेर के क्लॉक टावर थाने में दर्ज कराई थी।
गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने की, जो पश्चिम बंगाल और बिहार तक गई।
मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं; जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

राजस्थान पुलिस ने 7 अक्टूबर 2026 को शिक्षा विभाग की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में कथित फर्जीवाड़े के मामले में पश्चिम बंगाल के 63 वर्षीय मोहम्मद अलाउद्दीन को गिरफ्तार किया। आरोप है कि पीएसपी पोर्टल पर फर्जी ऑनलाइन आवेदनों के ज़रिये छात्रवृत्ति की राशि अवैध रूप से हासिल की गई।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अलाउद्दीन, शाहरुद्दीन के पुत्र, पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले के चोपड़ा थाना क्षेत्र के नयाबाड़ी गाँव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, उनकी पहचान जांच के दौरान शिक्षा विभाग से प्राप्त संदिग्ध खाताधारकों और छात्रवृत्ति आवेदनों की विस्तृत सूची के आधार पर की गई।

मामले की शुरुआत और जांच प्रक्रिया

इस प्रकरण की नींव जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा की शिकायत से पड़ी, जो उन्होंने अजमेर के क्लॉक टावर थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि निजी संस्थानों के माध्यम से पीएसपी पोर्टल पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए और कथित तौर पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त की गई।

जांच टीम ने शिक्षा विभाग के अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल कर संदिग्ध आवेदकों की सूची तैयार की। इसके बाद उन व्यक्तियों की पहचान की गई जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज़ों के बल पर राशि अर्जित की।

विशेष टीम का गठन और कार्रवाई

अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर एवं मुख्यालय) हिमांशु जांगिड़ और उप पुलिस अधीक्षक (दक्षिण सर्किल) मनीष बड़गुर्जर की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। क्लॉक टावर थाना प्रभारी भिखाराम काला के नेतृत्व में यह टीम आरोपियों की तलाश में पश्चिम बंगाल और बिहार तक गई।

इस अभियान में सहायक उप निरीक्षक भागचंद, सुवालाल, गीता तथा कांस्टेबल बृजेश पाल और देशराज भी शामिल रहे। पश्चिम बंगाल पहुँचकर टीम ने मोहम्मद अलाउद्दीन को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया।

आगे की जांच और अन्य संदिग्ध

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि यह मामला सरकारी छात्रवृत्ति पोर्टल की कमज़ोरियों का फायदा उठाकर की गई कथित ऑनलाइन ठगी का उदाहरण है, जो अन्य राज्यों से भी आरोपियों के संलिप्त होने की ओर इशारा करता है। जांच अभी जारी है और आगामी दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो प्रश्न उठता है कि पीएसपी पोर्टल पर आवेदकों की पहचान और पात्रता का सत्यापन कितना कठोर है। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति जैसी संवेदनशील योजनाएँ असली ज़रूरतमंद विद्यार्थियों के लिए हैं, और इस तरह के फर्जीवाड़े से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि वंचित तबके के वास्तविक लाभार्थी भी प्रभावित होते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर गिरफ्तारी की खबर पर रुक जाती है — असली जांच यह होनी चाहिए कि इस नेटवर्क में कितने संस्थान और बिचौलिये शामिल हैं।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े में किसे गिरफ्तार किया गया?
राजस्थान पुलिस ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले के नयाबाड़ी निवासी 63 वर्षीय मोहम्मद अलाउद्दीन को गिरफ्तार किया है। उन पर पीएसपी पोर्टल पर फर्जी आवेदनों के ज़रिये अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति राशि हड़पने का आरोप है।
यह छात्रवृत्ति फर्जीवाड़ा कैसे किया गया?
आरोप है कि निजी संस्थानों के माध्यम से पीएसपी पोर्टल पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए फर्जी ऑनलाइन आवेदन किए गए और उनके ज़रिये छात्रवृत्ति की राशि अवैध रूप से प्राप्त की गई। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत के बाद जांच में संदिग्ध खाताधारकों और आवेदनों की पहचान हुई।
राजस्थान पुलिस ने आरोपी को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया?
अजमेर पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल और बिहार तक गई और मोहम्मद अलाउद्दीन को पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर ज़िले से गिरफ्तार किया। यह टीम पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर गठित की गई थी।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आगामी दिनों में और कार्रवाई संभव बताई जा रही है।
इस मामले की शिकायत किसने और कहाँ दर्ज कराई?
शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा ने अजमेर के क्लॉक टावर थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि निजी संस्थानों के माध्यम से फर्जी ऑनलाइन आवेदन कर छात्रवृत्ति राशि अवैध रूप से प्राप्त की गई।
राष्ट्र प्रेस
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