पंजाब से गद्दारी: भाजपा के सामने झुके सांसदों पर भड़के मनीष सिसोदिया, राघव चड्ढा पर बड़ा हमला
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा समेत AAP के 7 राज्यसभा सांसदों ने 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थामा।
- मनीष सिसोदिया ने इन सांसदों पर पंजाब की जनता से गद्दारी करने का सीधा आरोप लगाया।
- AAP की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाए।
- संजय सिंह ने इसे ऑपरेशन लोटस करार देते हुए भगवंत मान सरकार को कमजोर करने की साजिश बताया।
- पंजाब में AAP सरकार विधानसभा में अभी भी बहुमत में है लेकिन 2027 के चुनाव से पहले यह दलबदल पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है।
- दलबदल विरोधी कानून के तहत AAP की संभावित कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस घटनाक्रम पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन सांसदों पर पंजाब की जनता से गद्दारी करने का सीधा आरोप लगाया है।
सिसोदिया का सीधा हमला
मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे पिछले तीन दिनों से गुजरात में हैं, जहां हजारों कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने के लिए खून-पसीना बहा रहे हैं।
उन्होंने आगे लिखा, जो राज्यसभा सदस्य आज भाजपा के सामने झुक गए, अपनी निजी मजबूरियों, डर और लालच के कारण जिन्होंने पंजाब के लोगों के साथ गद्दारी की है, उन्हें पता होना चाहिए कि पंजाब गद्दारों को कभी माफ नहीं करता।
AAP की पंजाब इकाई का आरोप — ऑपरेशन लोटस की साजिश
AAP की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने इस पूरे घटनाक्रम को केंद्र सरकार की सुनियोजित साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी को कमजोर करने और दलबदल कराने के लिए किया जा रहा है।
पन्नू ने अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा की केंद्रीय नेतृत्व पर सीधा आरोप लगाया कि राघव चड्ढा को इस पूरी योजना में एक औजार की तरह इस्तेमाल किया गया।
संजय सिंह बोले — ऑपरेशन लोटस घटिया राजनीति का खेल
AAP सांसद संजय सिंह ने भाजपा के तथाकथित ऑपरेशन लोटस को पंजाब सरकार के जनहितकारी कामों को रोकने की गहरी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने AAP के सात राज्यसभा सांसदों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया।
संजय सिंह ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें विधायक और राज्यसभा सांसद बनाया, पंजाब की जनता ने उन्हें प्यार और विश्वास दिया और आज वे भाजपा की गोद में जा बैठे। उन्होंने भाजपा पर आजादी के बाद देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी होने का गंभीर आरोप भी लगाया।
राजनीतिक संदर्भ और गहरा विश्लेषण
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार झेल चुकी है और पार्टी के कई बड़े नेता कानूनी दबाव में हैं। राघव चड्ढा खुद लंबे समय से पार्टी से दूरी बनाए हुए थे और उनकी सक्रियता सवालों के घेरे में थी।
गौरतलब है कि ऑपरेशन लोटस का आरोप भाजपा पर पहले भी कई राज्यों — मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा — में लगाया जा चुका है। पंजाब में भगवंत मान सरकार अभी भी बहुमत में है, लेकिन राज्यसभा में यह झटका पार्टी की संसदीय ताकत को कमजोर करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले यह दलबदल सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। AAP के लिए यह चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि पार्टी का मुख्य जनाधार अब पंजाब तक ही सीमित रह गया है।
आगे क्या होगा
राजनीतिक विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि क्या AAP इन सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करेगी या नहीं। भगवंत मान सरकार की स्थिरता और पंजाब की जनता की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में तस्वीर साफ करेगी।