अदाणी समूह का मार्केटकैप ₹19 लाख करोड़ पार, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के नुकसान की पूरी रिकवरी
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी समूह के शेयरों ने 27 मई 2026 को बाज़ार में ऐतिहासिक वापसी दर्ज की — समूह की सभी नौ सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप ₹19 लाख करोड़ (लगभग 199 अरब डॉलर) के स्तर पर पहुँच गया, जो 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद हुए नुकसान की पूर्ण भरपाई का संकेत है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और नियामकीय चिंताओं के शांत होने को इस उछाल की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार के कारोबारी सत्र में अदाणी समूह की सभी नौ कंपनियाँ हरे निशान में बंद हुईं। सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन अदाणी टोटल गैस का रहा, जिसके शेयरों में एकल सत्र में 13 प्रतिशत की तेज़ रैली देखी गई। अदाणी पावर ने इस वर्ष अब तक 75 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की है, जिससे यह समूह की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनी बन गई है और इसका अकेला मार्केटकैप 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। समूह की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज भी लाभ में बंद हुई।
हिंडनबर्ग प्रकरण: पृष्ठभूमि
जनवरी 2023 में अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद समूह के शेयरों में भारी बिकवाली हुई और मार्केटकैप करीब 150 अरब डॉलर तक गिर गया था। गौतम अदाणी ने उन आरोपों को लगातार सिरे से खारिज किया। भारत में नियामकीय जाँचों में भी हिंडनबर्ग के दावों की पुष्टि नहीं हुई। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भी अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी के विरुद्ध आपराधिक आरोप वापस ले लिए — एक घटनाक्रम जिसने वैश्विक निवेशकों की धारणा को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई।
संस्थागत निवेशकों की वापसी
वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने हाल के महीनों में अदाणी समूह में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। रिपोर्टों के अनुसार, कैपिटल ग्रुप जैसी प्रमुख वैश्विक फर्मों ने कथित तौर पर अदाणी कंपनियों में निवेश में वृद्धि की है। गौरतलब है कि हिंडनबर्ग प्रकरण के दौरान कई विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी स्थिति सतर्कतापूर्वक बनाए रखी थी, और अब उनकी वापसी को बाज़ार विश्वसनीयता की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, यह तेज़ी केवल अदाणी-विशिष्ट कारणों तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के बुनियादी ढाँचे के विकास, विनिर्माण विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जुड़ी दीर्घकालिक उम्मीदें निवेशकों को अदाणी समूह की कंपनियों की ओर आकर्षित कर रही हैं। निवेशक इन कंपनियों को देश की दीर्घकालिक आर्थिक विकास की कहानी के प्रमुख लाभार्थियों के रूप में देख रहे हैं।
आगे की राह
मार्केटकैप की यह पूर्ण रिकवरी समूह के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक मील का पत्थर है। हालाँकि, बाज़ार जानकारों का सुझाव है कि दीर्घकालिक स्थिरता के लिए समूह की परियोजनाओं के क्रियान्वयन और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। अदाणी पावर की रिकॉर्ड बढ़त और ऊर्जा क्षेत्र में समूह की महत्वाकांक्षी योजनाएँ आने वाले तिमाहियों में निवेशकों के लिए केंद्र बिंदु बनी रहेंगी।