12 जुलाई 2026
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अदाणी समूह का मार्केटकैप ₹19 लाख करोड़ पार, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के नुकसान की पूरी रिकवरी

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अदाणी समूह का मार्केटकैप ₹19 लाख करोड़ पार, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के नुकसान की पूरी रिकवरी

सारांश

तीन साल पहले हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने अदाणी समूह का ₹150 अरब डॉलर का बाज़ार मूल्य स्वाहा कर दिया था — बुधवार को वह पूरा नुकसान पट गया। ₹19 लाख करोड़ के मार्केटकैप और अदाणी पावर की 75% रैली के साथ, यह वापसी उतनी ही तेज़ है जितनी गिरावट थी।

मुख्य बातें

अदाणी समूह की नौ सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप 27 मई 2026 को ₹19 लाख करोड़ (लगभग 199 अरब डॉलर ) पर पहुँचा।
2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद समूह का मार्केटकैप करीब 150 अरब डॉलर तक गिर गया था — वह नुकसान अब पूरी तरह पट गया है।
अदाणी पावर ने इस वर्ष 75 प्रतिशत की रिकॉर्ड रैली दर्ज की; मार्केटकैप 50 अरब डॉलर से अधिक।
अदाणी टोटल गैस के शेयरों में बुधवार के एकल सत्र में 13 प्रतिशत की उछाल।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा आपराधिक आरोप वापस लेने और भारतीय नियामकीय जाँचों में आरोपों की पुष्टि न होने से निवेशकों का भरोसा मज़बूत हुआ।
कैपिटल ग्रुप जैसी वैश्विक संस्थागत फर्मों ने कथित तौर पर अदाणी कंपनियों में निवेश बढ़ाया है।

अदाणी समूह के शेयरों ने 27 मई 2026 को बाज़ार में ऐतिहासिक वापसी दर्ज की — समूह की सभी नौ सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केटकैप ₹19 लाख करोड़ (लगभग 199 अरब डॉलर) के स्तर पर पहुँच गया, जो 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद हुए नुकसान की पूर्ण भरपाई का संकेत है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे और नियामकीय चिंताओं के शांत होने को इस उछाल की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार के कारोबारी सत्र में अदाणी समूह की सभी नौ कंपनियाँ हरे निशान में बंद हुईं। सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन अदाणी टोटल गैस का रहा, जिसके शेयरों में एकल सत्र में 13 प्रतिशत की तेज़ रैली देखी गई। अदाणी पावर ने इस वर्ष अब तक 75 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की है, जिससे यह समूह की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनी बन गई है और इसका अकेला मार्केटकैप 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। समूह की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज भी लाभ में बंद हुई।

हिंडनबर्ग प्रकरण: पृष्ठभूमि

जनवरी 2023 में अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद समूह के शेयरों में भारी बिकवाली हुई और मार्केटकैप करीब 150 अरब डॉलर तक गिर गया था। गौतम अदाणी ने उन आरोपों को लगातार सिरे से खारिज किया। भारत में नियामकीय जाँचों में भी हिंडनबर्ग के दावों की पुष्टि नहीं हुई। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भी अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी के विरुद्ध आपराधिक आरोप वापस ले लिए — एक घटनाक्रम जिसने वैश्विक निवेशकों की धारणा को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई।

संस्थागत निवेशकों की वापसी

वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने हाल के महीनों में अदाणी समूह में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। रिपोर्टों के अनुसार, कैपिटल ग्रुप जैसी प्रमुख वैश्विक फर्मों ने कथित तौर पर अदाणी कंपनियों में निवेश में वृद्धि की है। गौरतलब है कि हिंडनबर्ग प्रकरण के दौरान कई विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी स्थिति सतर्कतापूर्वक बनाए रखी थी, और अब उनकी वापसी को बाज़ार विश्वसनीयता की पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, यह तेज़ी केवल अदाणी-विशिष्ट कारणों तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के बुनियादी ढाँचे के विकास, विनिर्माण विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जुड़ी दीर्घकालिक उम्मीदें निवेशकों को अदाणी समूह की कंपनियों की ओर आकर्षित कर रही हैं। निवेशक इन कंपनियों को देश की दीर्घकालिक आर्थिक विकास की कहानी के प्रमुख लाभार्थियों के रूप में देख रहे हैं।

आगे की राह

मार्केटकैप की यह पूर्ण रिकवरी समूह के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक मील का पत्थर है। हालाँकि, बाज़ार जानकारों का सुझाव है कि दीर्घकालिक स्थिरता के लिए समूह की परियोजनाओं के क्रियान्वयन और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। अदाणी पावर की रिकॉर्ड बढ़त और ऊर्जा क्षेत्र में समूह की महत्वाकांक्षी योजनाएँ आने वाले तिमाहियों में निवेशकों के लिए केंद्र बिंदु बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अदाणी टोटल गैस की एकल दिन में 13% की उछाल सट्टेबाज़ी के संकेत भी देती है। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए परियोजना क्रियान्वयन और ऋण प्रबंधन की पारदर्शिता ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के नुकसान की रिकवरी कब पूरी की?
27 मई 2026 को अदाणी समूह की नौ सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केटकैप ₹19 लाख करोड़ (लगभग 199 अरब डॉलर) पर पहुँच गया, जो 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद हुए करीब 150 अरब डॉलर के नुकसान की पूर्ण भरपाई है।
हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट का अदाणी समूह पर क्या असर हुआ था?
जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह के शेयरों में भारी बिकवाली हुई और समूह का मार्केटकैप करीब 150 अरब डॉलर तक गिर गया था। गौतम अदाणी ने सभी आरोपों को खारिज किया और भारतीय नियामकीय जाँचों में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
अदाणी पावर इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ी?
अदाणी पावर ने 2026 में अब तक 75 प्रतिशत की रिकॉर्ड रैली दर्ज की है, जिससे यह समूह की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनी बन गई है और इसका मार्केटकैप 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, भारत की बढ़ती ऊर्जा माँग और बुनियादी ढाँचे में निवेश की उम्मीदें इसकी प्रमुख वजह हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग के फैसले का अदाणी समूह पर क्या असर पड़ा?
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अदाणी के विरुद्ध आपराधिक आरोप वापस लेने से वैश्विक निवेशकों की धारणा में उल्लेखनीय सुधार आया। इस घटनाक्रम के बाद कैपिटल ग्रुप जैसी वैश्विक संस्थागत फर्मों ने कथित तौर पर अदाणी कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाया है।
अदाणी समूह की रिकवरी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
रिकवरी के तीन प्रमुख कारण हैं — भारतीय नियामकीय जाँचों में हिंडनबर्ग के दावों की पुष्टि न होना, अमेरिका में आपराधिक आरोपों का वापस लिया जाना, और भारत के बुनियादी ढाँचे, विनिर्माण व स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश की उम्मीदें। वैश्विक संस्थागत निवेशकों की वापसी ने भी इस तेज़ी को गति दी है।
राष्ट्र प्रेस
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