अदाणी पोर्ट्स की सब्सिडियरी एस्ट्रो ऑफशोर का ओशनियरिंग से समझौता, डीपवॉटर कारोबार में वैश्विक विस्तार की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की समुद्री क्षेत्र की सब्सिडियरी एस्ट्रो ऑफशोर ने 12 मई 2026 को अमेरिकी इंजीनियरिंग और एप्लाइड टेक्नोलॉजी कंपनी ओशनियरिंग इंटरनेशनल इंक. के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अल्ट्रा-डीपवॉटर और सबसी ऑपरेशंस में क्षमता विस्तार करना है, जिसे एपीएसईजेड की वैश्विक ऑफशोर रणनीति में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
समझौते में क्या शामिल है
दोनों कंपनियों के बीच हुई यह साझेदारी विशेष रूप से यूरोप में ऑफशोर अवसरों का दोहन करने और जटिल सबसी इंजीनियरिंग परियोजनाओं में क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार की गई है। इस समझौते के दायरे में अंडरवॉटर कंस्ट्रक्शन, पाइपलाइन इंस्टॉलेशन, निरीक्षण और रखरखाव जैसे विशेष कार्य शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह कदम एपीएसईजेड की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी लॉजिस्टिक्स, ऑफशोर सपोर्ट सर्विसेज और डीपवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस को एकीकृत कर एक वैश्विक समुद्री प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है।
नए जहाज से मजबूत हुई क्षमता
अपने विस्तार अभियान के तहत एस्ट्रो ऑफशोर ने अपना पहला अल्ट्रा-डीपवॉटर जहाज 'एस्ट्रो एटलस' बेड़े में शामिल किया है। यह 97 मीटर लंबा डीपी2 मल्टीपर्पज सपोर्ट वेसल (पूर्व नाम एनर्जी सवाना) अत्याधुनिक सबसी सिस्टम से लैस है।
इस जहाज में 150 टन क्षमता वाली क्रेन, एक अतिरिक्त क्रेन, मूनपूल और 100 लोगों तक के रहने की सुविधा मौजूद है। कंपनी के अनुसार यह जहाज 3,000 मीटर से अधिक गहराई वाले समुद्री क्षेत्रों में परिचालन करने में सक्षम है।
वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी गुप्ता ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी के वैश्विक स्तर पर विविधीकृत समुद्री प्लेटफॉर्म बनाने के लक्ष्य को मजबूती देती है। उनके अनुसार, एस्ट्रो ऑफशोर के आधुनिक जहाजों और ओशनियरिंग की डीपवॉटर इंजीनियरिंग तथा आरओवी (ROV) विशेषज्ञता के संयोजन से कंपनी जटिल ऑफशोर ऑपरेशंस में अपनी क्षमताएँ बढ़ा रही है।
एस्ट्रो ऑफशोर के सीईओ मार्क हम्फ्रीज ने कहा,