पश्चिम एशिया संकट के बीच कृषि मंत्री की महत्वपूर्ण बैठक: खाद आपूर्ति और कालाबाजारी पर सख्त कदम
सारांश
Key Takeaways
- खाद आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।
- कृषि क्षेत्र की निगरानी के लिए स्पेशल सेल का गठन किया गया है।
- किसानों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन।
- कृषि उत्पादन में 44%25 की वृद्धि।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद खाद की आपूर्ति को मजबूत बनाने, कालाबाजारी को रोकने और अन्य आवश्यक कदमों पर जोर दिया गया।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस बैठक में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्रालय ने बताया कि मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हो।
कृषि मंत्री ने कहा कि पूरे देश में खाद की आपूर्ति समान रूप से और बिना किसी रुकावट के होना चाहिए। उन्होंने 'फार्मर आईडी' के कार्य को तेज करने के निर्देश दिए, ताकि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ सके। इसके साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे पर समन्वय के लिए जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ बैठक करने का संकेत दिया।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि खाद और बीज की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, विशेषकर जब वैश्विक संकट का लाभ उठाने की संभावनाएँ हो। उन्होंने राज्य सरकारों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए भी प्रेरित किया।
बैठक में कृषि रसायनों और बीज सुखाने के लिए आवश्यक गैसों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए पैकेजिंग सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि सप्लाई में कोई बाधा न आए।
कृषि क्षेत्र की निरंतर निगरानी के लिए एक स्पेशल सेल का गठन किया गया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा। यह सेल हर हफ्ते खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर सीधे कृषि मंत्री को रिपोर्ट करेगा।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि संकट के समय में उन्हें सक्रियता से काम करना चाहिए और सरकार किसानों तक आवश्यक संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में कृषि उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अनेक किसानों की आय दोगुनी हो गई है। केंद्र सरकार किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर रिकॉर्ड खरीद भी शामिल है।