क्या मुंबई में मराठी महापौर की बात गलत है? देवेंद्र फडणवीस का बयान
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विकास पर जोर दिया।
- मुंबई में मराठी महापौर की बात की गई।
- बांग्लादेशियों के मुद्दे पर कार्रवाई की जा रही है।
- उद्धव-राज ठाकरे की राजनीति पर सवाल उठाए गए।
- भाजपा स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में नगर निकाय और बीएमसी चुनाव के मतदान से पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम केवल विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। मुंबई में मराठी महापौर की बात करना गलत क्यों है? इसके अलावा, उन्होंने उद्धव-राज ठाकरे के गठबंधन, हिजाब, खान-पठान और बांग्लादेशियों से जुड़े सवालों का उत्तर भी दिया।
सवाल: आपने चुनाव में काफी प्रचार किया, परिणाम क्या होगा? जवाब: हमने अपने उम्मीदवारों का चुनाव सही तरीके से किया है। इसमें सब्जी बेचने वाले से लेकर डॉक्टर, प्राचार्य, इंजीनियर्स और वैज्ञानिकों को शामिल किया है। हमारा मकसद लोगों से जुड़ना था, जिसमें हम सफल रहे हैं। इसका परिणाम ये है कि मुंबई सहित कई निगमों में अच्छा परिणाम आता दिखाई दे रहा है। 29 में से 26 या 27 निगमों में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी का महापौर होगा।
सवाल: आपने विकास पर बात की, लेकिन हिजाब और खान-पठान का मुद्दा उठ गया। इसके लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं? जवाब: हम केवल जवाब दे रहे हैं। हमने चुनाव को भावनात्मक मुद्दों पर नहीं ले जाना चाहा। हमारे विरोधियों के पास 25 वर्षों का शासन होते हुए भी विकास का कोई काम नहीं था। हमारे पास कोस्टल रोड, सी लिंक, नवी मुंबई एयरपोर्ट, और मेट्रो जैसे काम हैं।
सवाल: क्या उद्धव ठाकरे की राजनीति समाप्त हो रही है? जवाब: दोनों भाईयों के लिए पार्टियों की जमीन बचाना मुश्किल हो रहा है।
सवाल: अजित पवार अलग लड़ रहे हैं, आपकी राय क्या है? जवाब: यह स्थानीय चुनाव है, इससे हमारी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सवाल: बांग्लादेशियों के बारे में क्या योजना है? जवाब: पिछले एक वर्ष में कई बांग्लादेशियों को खोजकर डिपोर्ट किया गया है।
सवाल: पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर आपकी क्या राय है? जवाब: ऐसे बयानों से देश को नुकसान होता है।
सवाल: ईडी रेड के दौरान ममता बनर्जी का वहां पहुंचना, इसके पीछे क्या है? जवाब: यह संविधान का उल्लंघन है।
सवाल: अन्नामलाई के बयान पर क्या कहेंगे? जवाब: यह गलत है, उन्होंने किसी को अपमानित नहीं किया।
सवाल: राज ठाकरे हिंदुत्व क्यों छोड़ चुके हैं? जवाब: उन्होंने तुष्टिकरण की नीति अपनाई है।
सवाल: चुनाव परिणामों से पहले कई महायुति उम्मीदवार जीत गए हैं, इसका क्या मतलब है? जवाब: ये इंडिपेंडेंट उम्मीदवार आए हैं क्योंकि विपक्ष को उम्मीदवार नहीं मिला।
सवाल: आपने हिंदी में भाषण दिया, इस पर संजय राउत ने आपत्ति जताई। जवाब: हिंदी बोलने का मतलब मराठी का विरोध नहीं है।