धनुष की राजनीतिक एंट्री की अटकलों पर एआईएडीएमके का बड़ा बयान, राजेंद्र बालाजी बोले- 'पार्टी के दरवाजे खुले हैं'
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एवं अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) नेता केटी राजेंद्र बालाजी ने शनिवार, 18 अक्टूबर 2026 को शिवकाशी में स्पष्ट किया कि यदि अभिनेता धनुष पार्टी में शामिल होने का निर्णय लेते हैं, तो उनका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। यह बयान उस समय आया है जब सोशल मीडिया पर धनुष की संभावित राजनीतिक पारी को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं, हालाँकि अभिनेता की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बालाजी का बयान और पार्टी का रुख
शिवकाशी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बालाजी ने धनुष को युवाओं में गहरी पैठ रखने वाला प्रमुख अभिनेता बताया। उन्होंने कहा, 'अगर धनुष एआईएडीएमके में शामिल होते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी उन व्यक्तियों के लिए सदैव खुली है जो संगठन को मज़बूत बनाने और उसके उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग दे सकते हैं।
पूर्व मंत्री ने एआईएडीएमके के महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों को एकजुट करने और पार्टी के लिए लाभकारी भागीदारी करने वालों को जोड़ने की विशेष क्षमता है। बालाजी ने कहा, 'जो भी आंदोलन के विकास में उपयोगी हो, उसे इसमें शामिल किया जा सकता है।'
अटकलों का आधार: फैन क्लब बैठक और पार्टी पंजीकरण के दावे
कथित तौर पर, 15 अक्टूबर को धनुष के फैन क्लबों की एक बैठक में उनकी भावी गतिविधियों पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, ये क्लब एक धर्मार्थ संगठन के रूप में काम करेंगे, जिसके लिए एक झंडा और प्रतीक चिन्ह भी जारी किया जाएगा। संगठन में हुए इन बदलावों ने धनुष की राजनीतिक संभावनाओं को लेकर अटकलों को और हवा दी है।
इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि धनुष ने चुनाव आयोग में 'तमिलनाडु उची कझगम' नाम से एक पार्टी पंजीकृत कराई है। गौरतलब है कि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध जानकारी से यह प्रमाणित नहीं होता कि यह धर्मार्थ पहल किसी राजनीतिक दल की स्थापना की ओर उठाया गया कदम है।
राजनीति और फ़िल्म करियर पर बालाजी की राय
पूर्व मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिनेताओं को सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का पूरा अधिकार है। हालाँकि, उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि राजनीति में आने के बाद फ़िल्म करियर और राजनीतिक गतिविधियों को एक साथ चलाने की प्रथा उचित नहीं है — राजनेता बनने के बाद अभिनय छोड़ देना चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में कई अभिनेता-राजनेता एक साथ दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं, जो एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है।
क्या होगा आगे
बालाजी ने धनुष और एआईएडीएमके के बीच किसी भी संपर्क की पुष्टि करने या अभिनेता की इच्छा का संकेत देने से स्पष्ट रूप से परहेज किया। उन्होंने कहा, 'यह तो समय ही बताएगा कि धनुष के एआईएडीएमके में शामिल होने की खबर सच है या महज अफवाह।' फ़िलहाल धनुष की राजनीतिक योजनाएँ अनिश्चित बनी हुई हैं और उनकी ओर से किसी भी आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है।