6 जुलाई 2026
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एआईएडीएमके में टीटीवी दिनाकरन की वापसी की मांग, कार्यकर्ताओं ने ईपीएस से की सीधी अपील

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एआईएडीएमके में टीटीवी दिनाकरन की वापसी की मांग, कार्यकर्ताओं ने ईपीएस से की सीधी अपील

सारांश

विधानसभा चुनाव में झटके के बाद एआईएडीएमके के भीतर से ही टीटीवी दिनाकरन की वापसी की माँग उठी है। कुंभकोणम क्षेत्र सचिव ने ईपीएस को सीधे बताया — दिनाकरन के आने से डेल्टा और दक्षिणी जिलों में पार्टी मजबूत होगी। पलानीस्वामी ने फिलहाल कोई हाँ नहीं कही।

मुख्य बातें

एआईएडीएमके के कई जिला पदाधिकारियों ने महासचिव एडप्पादी के.
पलानीस्वामी से टीटीवी दिनाकरन को पार्टी में वापस लाने की अपील की।
कुंभकोणम क्षेत्र सचिव पद्मा कुमारेशन ने 6 जुलाई की बैठक में यह मुद्दा एमजीआर मालिगई, चेन्नई में उठाया।
माँग है कि दिनाकरन की वापसी से कावेरी डेल्टा क्षेत्र और तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में पार्टी की स्थिति मजबूत होगी।
पलानीस्वामी ने कहा कि दिनाकरन फिलहाल एक अलग राजनीतिक दल चला रहे हैं — कोई सीधा इनकार या स्वीकृति नहीं।
ये बैठकें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी पुनर्गठन के तहत हो रही हैं; चुनाव में कई पदाधिकारी टीवीके में चले गए थे।

चेन्नई में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के भीतर एक नई राजनीतिक हलचल सामने आई है। पार्टी के कई जिला पदाधिकारियों ने महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) से अपील की है कि वह अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन को दोबारा एआईएडीएमके में शामिल करने पर विचार करें। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इससे कावेरी डेल्टा क्षेत्र और तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में पार्टी की पकड़ काफी मजबूत हो सकती है।

बैठकों में उठी वापसी की माँग

यह माँग पलानीस्वामी द्वारा चुनावी समीक्षा के लिए आयोजित जिला स्तरीय सलाह-मशविरा बैठकों के दौरान सामने आई। सोमवार, 6 जुलाई को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय एमजीआर मालिगई में तंजावुर महानगर, तंजावुर पूर्व, तंजावुर मध्य, तंजावुर दक्षिण और शिवगंगा के जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कई जिला सचिवों और वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को मजबूत बनाने के सुझाव रखे।

कुमारेशन ने रखा पक्ष

कुंभकोणम क्षेत्र सचिव पद्मा कुमारेशन ने बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता की भावना दिनाकरन की वापसी के पक्ष में है। कुमारेशन के अनुसार, कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि दिनाकरन को दोबारा पार्टी में शामिल किया जाए तो डेल्टा क्षेत्र और दक्षिणी जिलों में एआईएडीएमके की स्थिति काफी सुदृढ़ हो जाएगी।

बैठक के बाद कुमारेशन ने कहा, 'अगर टीटीवी दिनाकरन एआईएडीएमके में वापस आते हैं तो पार्टी और मजबूत होगी तथा भविष्य में एआईएडीएमके निश्चित रूप से सरकार बना सकेगी।'

पलानीस्वामी की प्रतिक्रिया

इस सुझाव पर पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया कि टीटीवी दिनाकरन फिलहाल एक अलग राजनीतिक दल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बयान संकेत देता है कि एआईएडीएमके नेतृत्व तत्काल विलय के पक्ष में नहीं है, हालाँकि इस पर कोई औपचारिक इनकार भी नहीं किया गया।

चुनाव के बाद संगठन पुनर्गठन की कोशिश

गौरतलब है कि ये बैठकें हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आयोजित की जा रही हैं। चुनाव के दौरान एआईएडीएमके के कई पदाधिकारी सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) में शामिल हो गए थे, जिससे पार्टी को संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ा। पलानीस्वामी लगातार जिला-वार समीक्षा बैठकें कर जमीनी नेताओं से सुझाव ले रहे हैं, ताकि पार्टी को भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।

आगे क्या होगा

दिनाकरन की संभावित वापसी का मुद्दा अभी विचाराधीन है और पार्टी नेतृत्व ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। यह देखना होगा कि क्या एआईएडीएमके का केंद्रीय नेतृत्व इस माँग को औपचारिक रूप देता है या जिला स्तर की यह भावना बिना किसी निर्णय के दब जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पार्टी के भीतर जनाधार की कमज़ोरी का स्वीकारोक्ति है। पलानीस्वामी की 'वे अलग पार्टी चला रहे हैं' वाली प्रतिक्रिया न तो दरवाज़ा बंद करती है, न खोलती है — यह राजनीतिक लचीलापन है या निर्णय की कमी, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा। असली सवाल यह है कि क्या एआईएडीएमके बिना किसी बड़े विलय के अपना पारंपरिक वोट बैंक पुनर्जीवित कर सकती है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएडीएमके में टीटीवी दिनाकरन की वापसी की माँग क्यों उठी?
विधानसभा चुनाव में पार्टी के कमज़ोर प्रदर्शन के बाद समीक्षा बैठकों में कार्यकर्ताओं ने यह माँग उठाई। उनका मानना है कि दिनाकरन की वापसी से कावेरी डेल्टा और दक्षिणी जिलों में एआईएडीएमके का पारंपरिक वोट बैंक फिर से एकजुट होगा।
ईपीएस पलानीस्वामी ने दिनाकरन की वापसी की माँग पर क्या कहा?
पलानीस्वामी ने कहा कि टीटीवी दिनाकरन फिलहाल एक अलग राजनीतिक पार्टी — एएमएमके — का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने न तो सीधे इनकार किया और न ही कोई सहमति जताई।
टीटीवी दिनाकरन कौन हैं और वे एआईएडीएमके से अलग क्यों हुए थे?
टीटीवी दिनाकरन अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के महासचिव हैं और पूर्व में एआईएडीएमके से जुड़े रहे हैं। पार्टी में आंतरिक विवादों के बाद वे अलग हुए और उन्होंने अपना स्वतंत्र राजनीतिक संगठन बनाया।
एआईएडीएमके अभी किस स्थिति में है?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद एआईएडीएमके संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया में है। चुनाव के दौरान कई पदाधिकारी सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) में शामिल हो गए थे, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ।
दिनाकरन की वापसी से एआईएडीएमके को क्या फायदा होने की उम्मीद है?
कार्यकर्ताओं के अनुसार, दिनाकरन की वापसी से कावेरी डेल्टा क्षेत्र और तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में पार्टी का जनाधार मजबूत होगा और भविष्य में सरकार बनाने की संभावना बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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