अजमेर मेयर चुनाव 2026: कांग्रेस ने 42 पार्षदों को बेंगलुरु भेजा, 21 सितंबर को होगा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के अजमेर नगर निगम में 21 सितंबर 2026 को होने वाले मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने 37 निर्वाचित पार्षदों और 5 निर्दलीय समर्थक पार्षदों को बेंगलुरु शिफ्ट कर दिया है, ताकि मतदान से पहले खेमे में कोई दरार न पड़े। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ इस समूह का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके अनुसार सभी 42 पार्षद 20 सितंबर 2026 तक बेंगलुरु में रहेंगे और मतदान के दिन अजमेर लौटेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस ने पहले अपने पार्षदों को पुष्कर में एकत्रित रखा था, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उन्हें बेंगलुरु ले जाने का फैसला लिया गया। धर्मेंद्र राठौड़ ने बताया कि पार्षदों पर बाहरी दबाव की आशंका के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कांग्रेस के पार्षदों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है — हालाँकि यह आरोप कांग्रेस की तरफ से लगाया गया है और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
चुनावी समीकरण और निर्दलीयों की भूमिका
अजमेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। सीट वितरण इस प्रकार है — कांग्रेस: 37 सीटें, BJP: 32 सीटें, निर्दलीय: 11 सीटें। बहुमत के लिए 41 मतों की आवश्यकता है, जिसके कारण 11 निर्दलीय पार्षद इस चुनाव में निर्णायक भूमिका में हैं। कांग्रेस का दावा है कि उसने 5 निर्दलीयों का समर्थन सुनिश्चित कर लिया है, जिससे उसके पास कुल 42 वोट होने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों बड़ी पार्टियाँ शेष निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में लाने की कोशिश में लगी हैं।
दोनों उम्मीदवार
कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया है। BJP ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार, 17 सितंबर 2026 को अपना नामांकन दाखिल किया, जिससे मेयर पद के लिए सीधे मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। किरण गढ़वाल ने महिला सुरक्षा, युवाओं के लिए खेल मैदान और अजमेर के विकास के लिए एक्शन प्लान को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि राजस्थान में नगर निगम चुनावों के आसपास 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' की यह परंपरा नई नहीं है। राज्य में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बीते वर्षों में अपने विधायकों और पार्षदों को दूसरे शहरों में शिफ्ट करने की रणनीति अपनाई है। अजमेर का यह मेयर चुनाव इस लिहाज़ से विशेष है क्योंकि यहाँ किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और निर्दलीयों का झुकाव अंतिम परिणाम तय करेगा।
आगे क्या होगा
80 निर्वाचित पार्षद 21 सितंबर 2026 को मतदान करेंगे और उसी दिन नतीजे आने की उम्मीद है। दोनों दलों की नज़र शेष निर्दलीय पार्षदों पर टिकी है। अजमेर का यह मेयर चुनाव राजस्थान की स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।