राजस्थान निकाय चुनाव 2026: जयपुर में BJP आगे, कांग्रेस का 60+ सीटों का दावा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की मतगणना 14 सितंबर 2026 को जारी है, जिसमें जयपुर और अजमेर समेत प्रदेश की विभिन्न नगर परिषदों और नगरपालिकाओं से लगातार नतीजे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) जयपुर में बढ़त बनाए हुए है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेताओं का दावा है कि पार्टी का कुल स्कोर 60 सीटों से ऊपर जाएगा।
जयपुर में मतगणना का हाल
जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 51 से नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद मनमोहन गुर्जर ने अपनी जीत को पार्टी और कार्यकर्ताओं की साझा जीत बताया। उनके अनुसार, उन्होंने करीब 1,700 से 1,800 वोटों के बड़े अंतर से यह चुनाव जीता। गुर्जर ने कहा कि यह जीत सांगानेर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है।
वहीं, कांग्रेस पार्षद सुरेश मीणा ने भी अपनी जीत की पुष्टि की और बताया कि उन्होंने 518 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। मीणा ने कहा कि जनता के आशीर्वाद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से यह संभव हो सका।
कांग्रेस विधायक दल की प्रतिक्रिया
राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान ने स्वीकार किया कि अब तक सामने आए परिणामों में BJP आगे दिखाई दे रही है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कई मजबूत सीटों की गिनती अभी बाकी है।
खान ने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस BJP से दो से तीन सीटें अधिक जीत सकती है। उन्होंने किशनपोल और हवामहल क्षेत्रों में भी इसी तरह के रुझान का अनुमान जताया और कहा कि कांग्रेस का कुल स्कोर 60 से ऊपर जाएगा।
अजमेर में बदलाव का दावा
अजमेर में भी मतगणना के बीच कांग्रेस उम्मीदवार नोरतमाल गुर्जर ने दावा किया कि इस बार जनता ने बदलाव को चुना है और आने वाला बोर्ड कांग्रेस का बनेगा। उन्होंने कहा कि लोग लंबे समय से बदलाव की प्रतीक्षा में थे। गुर्जर ने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता ने लगातार चौथी बार उन पर भरोसा जताया है।
प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतज़ाम
अजमेर नगर निगम में मतगणना के लिए जिला चुनाव अधिकारी एवं कलेक्टर लोकबंधु के अनुसार वोटों की गिनती छह कमरों में की जा रही है — पाँच कमरों में सात-सात टेबल और एक कमरे में छह टेबल लगाई गई हैं। काउंटिंग सेंटर में केवल अधिकृत उम्मीदवारों, चुनाव एजेंट और काउंटिंग एजेंट को ही प्रवेश की अनुमति है, तथा मतगणना कक्ष में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध है।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की है, जिसके तहत विजय जुलूस और इस तरह की गतिविधियों पर रोक है। सीओ साउथ मनीष बड़गुजर ने बताया कि तीन अलग प्रवेश द्वार निर्धारित किए गए हैं और यातायात डायवर्ट किया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जा रही है; जहाँ पोस्टल बैलेट का उपयोग नहीं हुआ, वहाँ सुबह 8 बजे IST से ईवीएम से मतगणना शुरू हुई।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में BJP प्रदेश सरकार चला रही है और निकाय चुनाव के नतीजे दोनों प्रमुख दलों की स्थानीय जनाधार की असली परीक्षा मानी जा रही हैं। गौरतलब है कि शुरुआती रुझान अंतिम परिणाम नहीं होते — कांग्रेस की उम्मीदें शेष सीटों की गिनती पर टिकी हैं। नतीजे पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद दोनों दलों की असली ताकत का पता चलेगा, जो 2028 के राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले जनमत का एक अहम संकेत होगा।