रेवंत रेड्डी का दावा: 2029 चुनाव में कांग्रेस 117 सीटें जीतेगी, BRS पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 10 जुलाई को खम्मम जिले के जगन्नाथपुरम में एक जनसभा में यह दावा किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) आगामी विधानसभा चुनावों में 182 में से 117 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ये चुनाव मई-जून 2029 से पहले, 2028 के अंत तक हो सकते हैं।
मुख्य घोषणाएँ और दावे
रेवंत रेड्डी ने 'रायथु भरोसा' निधि वितरण के बाद आयोजित इस जनसभा में कहा, 'मैं 36 महीने पहले ही चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी कर रहा हूँ।' उन्होंने भद्राचलम के भगवान राम की शपथ लेते हुए कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया और कार्यकर्ताओं से 26 लोकसभा सीटों में से 20 पर जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन का हवाला देते हुए दावा किया कि तेलंगाना में लोकसभा सीटें 17 से बढ़कर 26 और विधानसभा सीटें 119 से बढ़कर 182 हो जाएंगी। हालाँकि, परिसीमन की प्रक्रिया और उसका अंतिम स्वरूप अभी केंद्र सरकार के स्तर पर विचाराधीन है।
BRS पर हमला और 'कुरुक्षेत्र' की चुनौती
मुख्यमंत्री ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) पर फर्जी सर्वेक्षण रिपोर्टें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'जुबली हिल्स उपचुनाव में इसी तरह के झूठे दावे किए गए थे, तब जनता ने BRS को करारी हार दी।' उन्होंने BRS की सर्वेक्षण टीम को 'शोर मचाने वाले और बदनाम तत्वों का गिरोह' करार दिया।
आगामी चुनावों को 'कुरुक्षेत्र' की लड़ाई बताते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक 'कौरव' कलवाकुंतला (केसीआर) परिवार को राजनीतिक रूप से पराजित नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2023 में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस ने हर चुनाव जीता है।
BRS में आंतरिक दरारों पर आरोप
रेवंत रेड्डी ने BRS नेता हरीश राव को केसीआर के नाम पर शपथ लेने की चुनौती दी कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केटीआर की अपनी बहन ने यह खुलासा किया है कि BRS का BJP में विलय हो सकता है और आंध्र प्रदेश के ठेकेदारों ने BRS को करोड़ों रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि BRS नेताओं के परिजनों में आपसी विश्वास नहीं बचा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कांग्रेस ने नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में BRS को हराकर तेलंगाना में सत्ता हासिल की थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में परिसीमन की बहस और लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। रेवंत रेड्डी का यह भाषण स्पष्ट रूप से 2029 के चुनावों के लिए कांग्रेस की जमीनी तैयारी की शुरुआत का संकेत देता है।
आगे क्या
परिसीमन प्रक्रिया के नतीजे और BRS की आंतरिक स्थिति तेलंगाना की राजनीति की दिशा तय करेंगे। कांग्रेस अभी से जनसभाओं और जन-कल्याण कार्यक्रमों के ज़रिए मतदाताओं से सीधा संवाद बनाए रखने की रणनीति पर चल रही है।