सोने का कंगन बरामद: अजमेर पुलिस ने 250 CCTV कैमरों से घंटों में ढूंढा 5.5 लाख का गहना
सारांश
मुख्य बातें
अजमेर, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अजमेर पुलिस ने तकनीकी दक्षता और अदम्य लगन का बेमिसाल नमूना पेश करते हुए मात्र कुछ घंटों में 5.5 लाख रुपए कीमत के सोने के कंगन को बरामद कर लिया। इस पूरे ऑपरेशन में 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और आरोपी को उसके घर तक ट्रैक किया गया। यह घटना 20 अप्रैल 2025 को घटी और कांस्टेबल रामनिवास कड़वा की मेहनत से कंगन उसकी असली मालकिन को वापस मिला।
कैसे गिरा सोने का कंगन?
पुष्कर निवासी लिसा परसारा 20 अप्रैल की शाम गंज तिराहा से फव्वारा सर्किल की ओर अपनी स्कूटी से जा रही थीं। रास्ते में फोन कॉल आने पर उन्होंने स्कूटी रोकी और दस्ताने उतारते समय उनका करीब 3 तोला वजनी सोने का कंगन अनजाने में सड़क पर गिर गया, जिसका उन्हें तत्काल कोई अंदाजा नहीं हुआ।
घर पहुंचने पर जब कंगन नदारद मिला तो लिसा परसारा को इतना गहरा धक्का लगा कि वह बेहोश हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल वैशाली नगर स्थित अस्पताल ले गए। इसी बीच परिवार ने अजमेर पुलिस को सूचित किया।
अभय कमांड सेंटर से शुरू हुई डिजिटल जांच
सूचना मिलते ही अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय हो गया। कांस्टेबल रामनिवास कड़वा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने गंज तिराहा से फव्वारा सर्किल तक के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगालना शुरू किया।
फुटेज में एक अहम सुराग सामने आया — एक युवक बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर सड़क से कंगन उठाता दिखाई दिया। आरोपी की पहचान करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं थी।
कांस्टेबल रामनिवास ने हार नहीं मानी और करीब 200 से 250 कैमरों की फुटेज को एक-एक कर जांचते हुए उस युवक का पूरा रूट ट्रैक किया। अंततः आरोपी की पहचान हुई और पुलिस उसके घर तक पहुंची।
कंगन वापस मिला, मालकिन ने जताया आभार
पुलिस ने सोने का कंगन सुरक्षित बरामद कर लिसा परसारा को सौंप दिया। कंगन वापस मिलने पर उन्होंने अजमेर पुलिस और कांस्टेबल रामनिवास कड़वा का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने कांस्टेबल रामनिवास कड़वा को ₹10,000 का नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
एसपी बोले — यही है असली पुलिसिंग
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने कांस्टेबल की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसी मेहनत और तकनीकी दक्षता पुलिस विभाग की गरिमा को ऊंचा करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का दायित्व केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि मुश्किल घड़ी में नागरिकों का सहारा बनना भी है।
यह घटना राजस्थान पुलिस के अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की उपयोगिता को भी रेखांकित करती है, जो अपराध नियंत्रण से आगे बढ़कर नागरिक सेवा में भी अहम भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि राजस्थान में स्मार्ट पुलिसिंग के तहत सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है और यह घटना उस निवेश की सार्थकता को साबित करती है।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि कंगन उठाने वाले आरोपी के खिलाफ पुलिस क्या कानूनी कार्रवाई करती है और क्या यह मामला न्यायालय तक पहुंचता है।