क्या अल्मोड़ा में गोलू मंदिर के पास जंगल में लगी आग पर फायर ब्रिगेड ने काबू पाया?
सारांश
Key Takeaways
- आग लगने की घटनाएं सर्दियों में बढ़ जाती हैं।
- फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल सकता है।
- लोगों को जंगल के आसपास आग जलाने में सावधानी बरतनी चाहिए।
अल्मोड़ा, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में डाना गोलू मंदिर के निकट जंगल में अचानक आग लगने की सूचना मिलने पर फायर स्टेशन की टीम तत्परता से कार्यवाही करने लगी। जैसे ही सूचना मिली, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुँचीं और टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।
फायर स्टेशन अल्मोड़ा को यह सूचना मिली कि मंदिर के करीब घने जंगल में आग भड़क रही है। इस क्षेत्र में अधिकांशतः चीड़ के पेड़ हैं, जिससे आग फैलने का खतरा बढ़ गया। जब टीम मौके पर पहुंची तो आग पहले ही कुछ हिस्सों में फैल चुकी थी।
दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए मिनी फायर इंजन (एमएफई) से पंपिंग शुरू की और एक होज रील की सहायता से सीधे आग पर पानी की बौछार की। उनकी मेहनत और त्वरित कार्रवाई से आग को आगे बढ़ने से रोका गया। यदि थोड़ी भी देरी होती, तो यह आग आस-पास के बड़े जंगल क्षेत्र में फैल सकती थी, जिससे भयानक नुकसान हो सकता था।
फायर टीम ने पूरी सावधानी बरती। आग बुझाने के दौरान किसी भी कर्मी को कोई चोट नहीं आई और आसपास के इलाके को भी सुरक्षित रखा गया। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में न तो किसी व्यक्ति को नुकसान हुआ और न ही किसी संपत्ति को क्षति पहुंची। आग को पूरी तरह बुझा दिया गया और मौके पर कूलिंग का काम भी पूरा किया गया ताकि दोबारा आग न भड़के।
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सर्दियों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार लोग लापरवाही से अलाव जलाते हैं या बीड़ी-सिगरेट फेंक देते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं होती हैं।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल के आसपास कोई भी आग जलाते समय पूरी सतर्कता बरतें और यदि कहीं धुआं या आग दिखे तो तुरंत फायर स्टेशन को सूचना दें। समय पर मिली जानकारी से बड़ी अनहोनी को रोका जा सकता है। अल्मोड़ा फायर स्टेशन का नंबर सभी को याद रखना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मदद ली जा सके।