अमेरिकी सीनेटरों ने अबॉर्शन पिल्स की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर चिंता जताई

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अमेरिकी सीनेटरों ने अबॉर्शन पिल्स की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर चिंता जताई

सारांश

वॉशिंगटन से खबर है कि अमेरिकी सीनेटरों ने अवैध ऑनलाइन अबॉर्शन पिल्स की बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस बिक्री को भारत सहित विदेशी सप्लाई चेन से जोड़ा है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

Key Takeaways

  • अमेरिकी सीनेटरों ने अवैध अबॉर्शन पिल्स की बिक्री पर चिंता जताई।
  • यह बिक्री भारत समेत विदेशी सप्लाई चेन से जुड़ी है।
  • महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए यह गंभीर खतरा है।
  • सीनेटरों ने एफडीए से कार्रवाई की मांग की है।
  • कानूनी कार्रवाई के मामले भी उठाए गए हैं।

वॉशिंगटन, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी सीनेटरों का एक समूह ने फेडरल रेगुलेटर्स से अबॉर्शन पिल्स की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर कड़ा रुख अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवैध बिक्री का संबंध भारत सहित अन्य देशों की सप्लाई चेन से है।

सीनेटरों ने बुधवार को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) कमिश्नर मार्टिन मकारी को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अमेरिकी बाज़ार में केमिकल अबॉर्शन दवाओं, मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल के गलत ब्रांड और बिना मंजूरी वाली दवाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

पत्र में कहा गया, “इन दवाओं की अवैध बिक्री महिलाओं के स्वास्थ्य को खतरे में डालती है और एफडीए के अमेरिका के उपभोक्ताओं की सुरक्षा के मुख्य मिशन को कमजोर करती है।”

सीनेटरों ने चेतावनी दी कि बिना चिकित्सा देखरेख के आसान ऑनलाइन पहुंच महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है और जबरदस्ती और दबाव में अबॉर्शन का जोखिम बढ़ा सकती है।

पत्र ने वैश्विक सप्लाई चेन पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि कई विदेशी वेबसाइटें दवाएं बेचती हैं, जो अक्सर भारत में विभिन्न निर्माताओं से आती हैं।

सांसदों ने यह भी कहा कि ऑनलाइन बाजार तेजी से बढ़ रहा है। एक प्रदाता ने एक वर्ष में ३० अमेरिकी राज्यों में ४३,२५९ पैकेज भेजे। एक अन्य अनुमान के अनुसार, २०२३ में अमेरिका में “लगभग १,००,००० पैकेज” भेजे गए।

सीनेटरों ने चार प्रमुख चैनलों की पहचान की है, जिनमें अमेरिका स्थित टेलीहेल्थ क्लीनिक, विदेशी क्लीनिक, अनौपचारिक नेटवर्क और ऑनलाइन फार्मेसी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई बिना प्रिस्क्रिप्शन या उचित निगरानी के काम कर रही हैं।

कुछ वेबसाइटें 'एफडीए-अप्रूव्ड' दवाओं का झूठा दावा करती हैं। असल में, वे विदेशी निर्माताओं से बिना मंजूरी वाली दवाएं भेजती हैं।

पत्र में सुरक्षा चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है। कुछ प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को सलाह देते हैं कि वे डॉक्टरों को यह न बताएं कि उन्होंने दवाएं ली हैं।

सांसदों ने एफडीए से सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी पत्र, वेबसाइट डोमेन के खिलाफ कार्रवाई और शिपमेंट रोकने के लिए कस्टम और डाक अधिकारियों के साथ मजबूत सहयोग की माँग की है।

उन्होंने आपराधिक जांच की भी मांग की है। पत्र में २०२० के एक मामले का उल्लेख है, जिसमें एक अमेरिकी निवासी पर भारत से मंगाई गई अबॉर्शन पिल्स को बिना प्रिस्क्रिप्शन के बेचने का आरोप लगाया गया था।

सीनेटरों ने कहा कि एफडीए को अपनी शक्तियों का पूरी तरह से उपयोग करना चाहिए और इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पत्र को सीनेटर बिल कैसिडी ने नेतृत्व किया था। इस पर सीनेटर स्टीव डेन्स, जेम्स लैंकफोर्ड, सिंडी हाइड-स्मिथ और लिंडसे ग्राहम ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने एफडीए से ८ अप्रैल तक प्रवर्तन कदमों की जानकारी देने का अनुरोध किया है।

अमेरिका में मेडिकेशन अबॉर्शन का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। इसमें आमतौर पर विनियमित परिस्थितियों में मिफेप्रिस्टोन के बाद मिसोप्रोस्टोल शामिल होता है।

Point of View

क्योंकि यह न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इससे अमेरिकी न्याय प्रणाली और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। सीनेटरों की मांग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या अमेरिकी सीनेटरों ने अबॉर्शन पिल्स की बिक्री पर कोई कार्रवाई की है?
जी हाँ, अमेरिकी सीनेटरों ने अवैध ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अबॉर्शन पिल्स की अवैध बिक्री का संबंध किन देशों से है?
इसका संबंध भारत सहित अन्य विदेशी सप्लाई चेन से है।
क्या यह बिक्री महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है?
हां, सीनेटरों का कहना है कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरों का कारण बन सकता है।
एफडीए इस मामले में क्या कर रहा है?
सीनेटरों ने एफडीए से सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
क्या कोई कानूनी कार्रवाई की गई है?
जी हाँ, एक मामले में एक अमेरिकी निवासी पर भारत से मंगाई गई पिल्स को बिना प्रिस्क्रिप्शन बेचने का आरोप लगाया गया था।
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