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क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' सरकार ने बीच में रोका? अमित शाह ने सदन में जानकारी दी

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क्या 'ऑपरेशन सिंदूर' सरकार ने बीच में रोका? अमित शाह ने सदन में जानकारी दी

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का कारण बताया। भारत ने आतंकवादियों को जवाब देते हुए 100 किलोमीटर अंदर जाकर 9 ठिकानों को ध्वस्त किया। उन्होंने संघर्ष विराम पर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। जानें इस महत्वपूर्ण अभियान के बारे में और क्या कहा अमित शाह ने।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया गया।
इस ऑपरेशन में आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
अमित शाह ने संघर्ष विराम पर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं।
पाकिस्तान ने भारतीय ठिकानों पर हमले किए, लेकिन भारत ने जवाबी कार्रवाई की।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के कारण का खुलासा किया। उन्होंने लोकसभा में बताया कि आतंकवादियों को जवाब देने के लिए भारत ने पड़ोसी देश में 100 किलोमीटर अंदर जाकर 9 ठिकानों और 100 से अधिक आतंकियों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। गृह मंत्री ने 'संघर्ष विराम' पर उठाए गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

विपक्ष ने पूछा कि जब हम बेहतर स्थिति में थे, तो युद्ध क्यों नहीं किया? अमित शाह ने उत्तर दिया, "युद्ध के परिणाम होते हैं। यह सोच समझकर करना चाहिए।"

गृह मंत्री ने कांग्रेस को 1948 के युद्ध की याद दिलाई, जिसमें उस समय जवाहर लाल नेहरू ने एकतरफा युद्धविराम किया। इसी कारण पीओके का अस्तित्व बना।

अमित शाह ने सिंधु जल संधि का जिक्र किया, जिसमें 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दिया गया था। उन्होंने 1965 में जीते हाजी पीर को लौटाने और 1971 की जीत के बाद पीओके को न मांगने पर कांग्रेस को घेरा।

गृह मंत्री ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने 9 आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया। इन हमलों में कोई आम नागरिक हताहत नहीं हुआ; केवल आतंकवादी मारे गए। बहावलपुर में मरकज शुभानअल्लाह, मुरीदके में मरकज तैयबा, सियालकोट में मेहमूना जोया कैंप और सरजल कैंप, मुजफ्फराबाद में सवाईनाला और सैयदना बिलाल कैंप, कोटली में गुलपुर और अब्बास कैंप के अलावा बरनाला कैंप भीमबर को भारतीय सेना ने निशाना बनाया।

अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद गलतियां की। भारत ने आतंकियों पर हमले किए, लेकिन पाकिस्तान ने इसे अपने ऊपर हमला माना। आतंकवादियों के जनाजे को पाकिस्तान की सेना ने कंधा दिया, लेकिन वे भूल गए कि यह सब पूरी दुनिया देख रही है। पाकिस्तान खुद को आतंक पीड़ित बताता है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखा दिया कि वहां स्टेट प्रायोजित आतंकवाद है।

इस संघर्ष में भारत के नुकसान के बारे में भी अमित शाह ने लोकसभा में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय सेना के ठिकानों पर हमले किए। किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। एक गुरुद्वारा और एक मंदिर इन हमलों में क्षतिग्रस्त हुए। कुछ नागरिक घायल हुए।

सदन को बताया गया कि भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को तबाह किया, जिनमें से 8 एयरबेस पर सबसे अधिक नुकसान हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह दर्शाता है कि भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी सुरक्षा के लिए ठोस निर्णय लेने में सक्षम है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करना और पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को मजबूत करना था।
क्या इस ऑपरेशन में आम नागरिक हताहत हुए?
गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, इस ऑपरेशन में कोई आम नागरिक हताहत नहीं हुआ। केवल आतंकवादी मारे गए।
अमित शाह ने संघर्ष विराम पर क्या कहा?
अमित शाह ने कहा कि युद्ध के कई परिणाम होते हैं और इसे सोच-समझकर करना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कितने एयरबेस को निशाना बनाया गया?
भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को तबाह किया, जिनमें से 8 एयरबेस पर सबसे अधिक नुकसान हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की स्थिति क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर ने यह दर्शाया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त है और सुरक्षा में कोई समझौता नहीं करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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