अमित शाह का सिलीगुड़ी दौरा: एसएसबी परियोजनाओं का शिलान्यास, 'चिकन नेक' सुरक्षा की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत शुक्रवार, 22 अगस्त को सिलीगुड़ी में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनके दिन भर के एजेंडे में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की अवसंरचना परियोजनाओं का शिलान्यास, सुरक्षा कर्मियों के साथ संवाद और भारत के तीन नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
एसएसबी मुख्यालय में उद्घाटन और शिलान्यास
सुबह लगभग 11:15 बजे गृह मंत्री सिलीगुड़ी स्थित एसएसबी फ्रंटियर मुख्यालय पहुँचेंगे, जहाँ वे बल की विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे एसएसबी कर्मियों के साथ 'बारा खाना' — सुरक्षा बलों की पारंपरिक सामूहिक भोजन परंपरा — में भी शामिल होंगे। यह संवाद सीमा पर तैनात जवानों के मनोबल और उनकी ज़रूरतों को सीधे समझने का अवसर माना जा रहा है।
नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता प्रदर्शनी
दोपहर लगभग 2:30 बजे शाह कावाखाली मैदान, सिलीगुड़ी में देश के तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित एक सार्वजनिक प्रदर्शनी और कार्यक्रम में भाग लेंगे। गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) — ये तीनों कानून 1 जुलाई 2024 से लागू हो चुके हैं और क्रमशः भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता तथा पुराने साक्ष्य अधिनियम की जगह लेते हैं। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों को नई कानूनी व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
हेल्पलाइन समीक्षा बैठक
शाम लगभग 4:20 बजे गृह मंत्री होटल मेफेयर, सिलीगुड़ी में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो हेल्पलाइन सेवाओं से संबंधित बताई जा रही है। इस बैठक में सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
'चिकन नेक' कॉरिडोर की सुरक्षा पर फोकस
शाह की इस यात्रा का एक रणनीतिक आयाम सिलीगुड़ी कॉरिडोर — जिसे 'चिकन नेक' के नाम से जाना जाता है — की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा है। यह संकरा भूगोलीय गलियारा भारत के मुख्य भू-भाग को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से जोड़ने वाली एकमात्र स्थलीय कड़ी है, जिसके चलते इसका सामरिक महत्व असाधारण है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर सीमाओं पर सुरक्षा सतर्कता को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताएँ बढ़ी हैं।
आगे का कार्यक्रम
गृह मंत्री गुरुवार शाम को पश्चिम बंगाल पहुँचे थे। 22 अगस्त को वे एक उच्चस्तरीय सीमा सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। तीन दिवसीय यात्रा में एसएसबी अवसंरचना, सीमा प्रबंधन, नए आपराधिक कानूनों का प्रचार-प्रसार और सुरक्षा बलों के साथ सीधा संवाद — ये सभी प्राथमिकताएँ एक साथ केंद्रित हैं।