अमित शाह की अध्यक्षता में शिलांग में NEC की 73वीं बैठक, सिंधिया भी होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 4 जून को मेघालय की राजधानी शिलांग के स्टेट कन्वेंशन सेंटर में उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) की 73वीं पूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और राज्यों के बीच समन्वय पर चर्चा की जाएगी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार से दो दिवसीय दौरे पर शिलांग रवाना होंगे और इस उच्च-स्तरीय बैठक में सहभागिता करेंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा
NEC की पूर्ण बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, बुनियादी अधोसंरचना, आर्थिक प्रगति तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श होगा। गृह मंत्री शाह इस परिषद के अध्यक्ष भी हैं, और बैठक में पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होने की संभावना है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर भी फोकस
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया नॉर्थ ईस्टर्न स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (NESAC) से संबंधित बैठक में भी भाग लेंगे। इस बैठक में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को गति देने से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी — खासकर आपदा प्रबंधन, कृषि निगरानी और संसाधन मानचित्रण जैसे क्षेत्रों में।
क्यों है यह दौरा अहम
सिंधिया का यह दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) द्वारा कनेक्टिविटी, अधोसंरचना, पर्यटन, कृषि, कौशल विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहलें संचालित की जा रही हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर के लिए बजटीय आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
क्षेत्रीय सहयोग पर ज़ोर
NEC की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र पूर्वोत्तर में 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत क्षेत्रीय एकीकरण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से व्यापारिक संपर्क बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है। बैठक के नतीजों से क्षेत्र में आगामी अधोसंरचना परियोजनाओं की प्राथमिकताएँ तय होने की संभावना है।