अमित शाह 4 जून को शिलांग में एनईसी की 73वीं बैठक की करेंगे अध्यक्षता, पूर्वोत्तर के 8 राज्य होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 जून 2026 को मेघालय की राजधानी शिलांग में नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस क्षेत्रीय नियोजन निकाय के अध्यक्ष के रूप में शाह की उपस्थिति की पुष्टि अधिकारियों ने सोमवार को की। यह बैठक पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श का मंच बनेगी।
बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो एनईसी के उपाध्यक्ष हैं, भी इस सत्र में उपस्थित रहेंगे। एनईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों — असम, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम — के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के इस बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।
एनईसी ने अपनी आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा, "यह महत्वपूर्ण बैठक पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास, कनेक्टिविटी और सतत विकास के लिए प्रमुख पहलों पर विचार-विमर्श करने के लिए नेताओं और हितधारकों को एक साथ लाएगी।"
मिजोरम ने की तैयारियों की समीक्षा
पूर्ण सत्र से पहले मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने सोमवार को आइजोल स्थित लोक भवन के सम्मेलन कक्ष में राज्य की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए मिजोरम की विकास प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से सत्र में रखने की आवश्यकता जताई।
राज्यपाल ने सभी संबंधित विभागों से आग्रह किया कि वे राज्य की प्रमुख चिंताओं, प्रस्तावों और विकास संबंधी आवश्यकताओं को एनईसी के समक्ष ठोस रूप से प्रस्तुत करें।
पिछले सत्र की अनुवर्ती कार्रवाई
योजना एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के सचिव डेविड लालथंतलुआंगा ने दिसंबर 2024 में त्रिपुरा के अगरतला में आयोजित 72वें एनईसी पूर्ण सत्र में लिए गए मिजोरम-संबंधी निर्णयों पर अनुवर्ती कार्रवाई की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने एनईसी और डीओएनईआर मंत्रालय के अंतर्गत चल रही विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति से भी अधिकारियों को अवगत कराया।
इन परियोजनाओं में एनईसी-वित्त पोषित योजनाएँ, एनईएसआईडीएस (सड़कें), एनईएसआईडीएस (ओटीआरआई) और पीएम-डेविन परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है।
एनईसी की भूमिका और महत्व
गौरतलब है कि एनईसी एक 55 वर्ष पुरानी क्षेत्रीय परिषद है, जो पूर्वोत्तर भारत में विकास पहलों की योजना और समन्वय में केंद्रीय भूमिका निभाती है। समीक्षा बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार और सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 4 जून का यह सत्र पूर्वोत्तर के समग्र विकास एजेंडे को नई दिशा देने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।