अमित शाह ने घुसपैठियों की पहचान का किया ऐलान, भाजपा से ही होगी असम की रक्षा
सारांश
Key Takeaways
- अमित शाह ने घुसपैठियों की पहचान का ऐलान किया।
- भाजपा ही असम की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा कर सकती है।
- कांग्रेस पर घुसपैठियों का सहारा लेकर सत्ता पाने का आरोप।
- सीएए का विरोध करने वाली कांग्रेस की नीति पर सवाल उठाए।
- असम, बंगाल और त्रिपुरा में घुसपैठ रोकने का वादा किया।
गुवाहाटी, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम के श्रीभूमि जिले के पथारकंडी में एक भव्य चुनावी रैली में कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही इस राज्य को अवैध घुसपैठ से बचा सकती है और इसकी सांस्कृतिक पहचान की रक्षा कर सकती है।
अमित शाह ने जनसभा में कहा, "भाजपा की सरकार बना दीजिए। हमने घुसपैठियों को पहचान लिया है। अब एक-एक करके इन्हें बाहर किया जाएगा। केवल भाजपा ही करीमगंज का नाम बदलकर श्रीभूमि कर सकती है। दूसरी ओर, कांग्रेस घुसपैठियों के सहारे सत्ता पाने का प्रयास कर रही है। मैं यहां से कहता हूं, राहुल गांधी कान खोलकर सुनें, हम असम को घुसपैठिया बहुल नहीं बनने देंगे। जिनकी जड़ें इटली में हैं, उन्हें श्रीभूमि का क्या मतलब पता होगा। प्रधानमंत्री ने असमिया और बांग्ला भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है।
गृह मंत्री ने कहा, "जब हम सीएए की बात करते हैं, तो कांग्रेस इसका विरोध करती है। कांग्रेस ने षड्यंत्र के तहत इस क्षेत्र को घुसपैठियों से भरने की कोशिश की। वोट बैंक की राजनीति के कारण उन्होंने 1950 का इमिग्रेंट एक्ट समाप्त कर दिया। गोपीनाथ यह एक्ट लेकर आए थे। कांग्रेस ने 1983 में आईएमडीटी एक्ट पास कर घुसपैठियों को यहां शरण देने का काम किया। असम, बंगाल और त्रिपुरा में भाजपा-एनडीए की सरकार बनने के बाद घुसपैठ बंद होगी। हम चुन-चुन कर घुसपैठियों को देश से बाहर करेंगे। ये घुसपैठिये हमारे युवाओं के रोजगार, गरीबों के राशन और चाय बागान के मजदूरों की मजदूरी छीनने का प्रयास कर रहे हैं। इन्हें देश से बाहर निकालने का कार्य भाजपा सरकार करेगी।
अमित शाह ने आगे कहा, "जब से राहुल गांधी कांग्रेस के नेता बने हैं, सभी कांग्रेस नेताओं की छवि गिर गई है। अभी दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात और अन्य प्रांत जहां भाजपा का समर्थन है, वे अनपढ़ हैं। कांग्रेसियों को इस पर शर्म आनी चाहिए। जिस गुजरात ने दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, विक्रम साराभाई और पीएम मोदी जैसे नेता दिए, उसे आप अनपढ़ कह रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि आरएसएस और भाजपा सांप हैं, इन्हें मार देना चाहिए। मैं खड़गे से कहना चाहता हूं कि मंच पर चढ़कर देखिए, हजारों की संख्या में भाजपा और आरएसएस के लोग खड़े हैं। यह लोकतंत्र की भाषा नहीं है।