अमृतसर: ASI को गोली मारने का आरोपी करण पुलिस हिरासत से फरार, एक पुलिसकर्मी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर के राजासांसी इलाके में एएसआई जसवंत सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी करण पुलिस हिरासत से फरार हो गया है। 24 सितंबर 2026 को हथियार बरामदगी के दौरान वह मजीठा इलाके में पुलिस टीम को चकमा देकर भाग निकला। घटना की गंभीरता को देखते हुए अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने तत्काल लापरवाही के आरोप में राजासांसी थाने के एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया।
मूल घटना: 11 सितंबर की रात
यह मामला 11 सितंबर 2026 की रात का है, जब अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस लाइन में तैनात एएसआई जसवंत सिंह मोटरसाइकिल पर राजासांसी से गुज़र रहे थे। मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उनका पीछा कर उनके सिर पर गोली चलाई। गोली उनकी पगड़ी को भेदते हुए सिर को छूकर निकल गई, जिससे एएसआई जसवंत सिंह बाल-बाल बच गए और उन्हें मामूली चोट आई। इस हमले के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
गिरफ्तारी और रिमांड
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जाँच के आधार पर गाँव झंझोटी निवासी आरोपी करण को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से पुलिस को पाँच दिन का रिमांड मिला। रिमांड के दौरान ही पुलिस टीम उसे हथियार बरामद कराने के लिए मजीठा इलाके ले गई थी।
फरारी और पुलिस कार्रवाई
मजीठा में हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी करण पुलिस पार्टी को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। सूचना मिलते ही एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने तत्काल संज्ञान लिया और निगरानी में लापरवाही के लिए राजासांसी थाने के एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपी की तलाश में विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी की जा रही है और पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
आम जनता और पुलिस बल पर असर
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस हिरासत में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। एक सेवारत पुलिसकर्मी पर हुए हमले के मामले में आरोपी का रिमांड के दौरान फरार हो जाना पुलिस महकमे के लिए गंभीर शर्मिंदगी का विषय है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या
पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी करण को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। निलंबित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जाँच भी शुरू होने की संभावना है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने सुरक्षा चूक की जाँच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।