5 अक्टूबर 2026
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अमृतसर में जीआरपी एएसआई सुखचैन सिंह पर गोलीबारी, कंधे में लगी गोली; भाजपा ने मान सरकार को घेरा

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अमृतसर में जीआरपी एएसआई सुखचैन सिंह पर गोलीबारी, कंधे में लगी गोली; भाजपा ने मान सरकार को घेरा

सारांश

अमृतसर में ड्यूटी से लौट रहे जीआरपी एएसआई सुखचैन सिंह पर तीन बाइक सवारों ने गोली चलाई — बाएं कंधे में लगी गोली आर-पार निकल गई। भाजपा सांसद रवनीत बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा: 'अगर पुलिस खुद असुरक्षित है, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित रहेगा?'

मुख्य बातें

जीआरपी एएसआई सुखचैन सिंह पर 5 अक्टूबर 2026 की देर रात अजनाला थाना क्षेत्र के जगदेव खुर्द गांव के पास तीन अज्ञात बाइक सवारों ने गोलीबारी की।
गोली बाएं कंधे में लगी और आर-पार निकल गई; एएसआई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, आरोपियों की तलाश जारी; हमले का मकसद अभी तक अज्ञात ।
डीएसपी धर्मेंद्र कल्याण ने घटना की पुष्टि की और जांच शुरू होने की जानकारी दी।
भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

अमृतसर में 5 अक्टूबर 2026 की देर रात रेलवे सुरक्षा पुलिस (जीआरपी) के सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) सुखचैन सिंह पर तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने करीब से गोलीबारी की, जिसमें वे घायल हो गए। गोली उनके बाएं कंधे में लगी और आर-पार निकल गई। घटना अजनाला थाना क्षेत्र के जगदेव खुर्द गांव के निकट एक नहर के पुल के पास हुई। एएसआई को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना का विवरण

एएसआई सुखचैन सिंह रविवार की देर रात अमृतसर में अपनी ड्यूटी समाप्त कर मोटरसाइकिल पर घर लौट रहे थे। जैसे ही वे जगदेव खुर्द गांव के पास नहर के पुल के करीब पहुंचे, पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात युवकों ने उन पर करीब से गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, गोली उनके बाएं कंधे को छूकर निकल गई।

हमलावर मौके से फरार हो गए। एएसआई को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। हमले के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच

डीएसपी धर्मेंद्र कल्याण ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एएसआई सुखचैन सिंह जीआरपी अमृतसर में तैनात हैं और ड्यूटी से लौटते समय उन पर यह हमला हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

गौरतलब है कि हमले में इस्तेमाल हथियार और हमलावरों की पहचान का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

भाजपा का हमला — मान सरकार पर सवाल

भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, 'और कितने पुलिसकर्मियों पर हमले होंगे? भगवंत मान सरकार क्या कर रही है? पंजाब में शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो जब गोलीबारी, हत्याएं या जबरन वसूली न हो। क्या ये 'रंगला पंजाब' है? आज पंजाब गैंगस्टरों के डर में जी रहा है। तीन एएसआई शहीद हो चुके हैं।'

बिट्टू ने आगे कहा, 'अगर पुलिस खुद असुरक्षित है, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं? दिनदहाड़े हत्याएं, जबरन वसूली और पुलिस पर हमले, क्या यही आपका 'बदलाव' है? मुख्यमंत्री भगवंत मान, प्रचार और दिल्ली की राजनीति बंद कीजिए। पंजाब को जवाब और निर्णायक कार्रवाई चाहिए।'

आम जनता पर असर और व्यापक चिंताएँ

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों और पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाओं को लेकर पहले से ही माहौल तनावपूर्ण है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है।

गौरतलब है कि पंजाब में पिछले कुछ महीनों में पुलिसकर्मियों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यह घटना उस श्रृंखला में एक और गंभीर कड़ी के रूप में देखी जा रही है, जो सुरक्षाबलों के मनोबल और आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी पर है। जांच अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मकसद और हमलावरों के बारे में जांच जारी है — विस्तृत जानकारी आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो राज्य की कानून-व्यवस्था की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है। भगवंत मान सरकार के लिए असली परीक्षा यह नहीं कि राजनीतिक आलोचना का जवाब कैसे दिया जाए, बल्कि यह है कि हमलावरों की गिरफ्तारी कितनी तेज़ी से होती है और क्या इस बार जांच के नतीजे सार्वजनिक किए जाते हैं।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में जीआरपी एएसआई पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 5 अक्टूबर 2026 की देर रात अजनाला थाना क्षेत्र के जगदेव खुर्द गांव के पास नहर के पुल के निकट हुआ। एएसआई सुखचैन सिंह उस समय ड्यूटी समाप्त कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे।
एएसआई सुखचैन सिंह की हालत कैसी है?
गोली उनके बाएं कंधे में लगी और आर-पार निकल गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हमलावरों की पहचान हुई है?
अभी तक तीनों हमलावर अज्ञात हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। हमले का मकसद भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
भाजपा ने इस हमले पर क्या कहा?
भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि 'अगर पुलिस खुद असुरक्षित है, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं?' उन्होंने पंजाब में गोलीबारी, हत्या और जबरन वसूली की बढ़ती घटनाओं का हवाला देते हुए निर्णायक कार्रवाई की मांग की।
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमले पहले भी हुए हैं?
हाँ, भाजपा सांसद बिट्टू के अनुसार इससे पहले भी तीन एएसआई इस तरह की हिंसा में शहीद हो चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि राज्य में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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