9 अक्टूबर 2026
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आनंद विहार में 43 चोरी के मोबाइल के साथ महिला गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल तक फैला था नेटवर्क

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आनंद विहार में 43 चोरी के मोबाइल के साथ महिला गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल तक फैला था नेटवर्क

सारांश

पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में पुलिस ने एक महिला के घर से 43 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। आरोपी रेशमा ने खुलासा किया कि चोरी का यह गिरोह बस अड्डे और रेलवे स्टेशन को निशाना बनाता था और मोबाइल पश्चिम बंगाल भेजकर बेचे जाते थे।

मुख्य बातें

आनंद विहार थाने की पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को जेजे कैंप निवासी 27 वर्षीय रेशमा को गिरफ्तार किया।
रेशमा के घर से विभिन्न कंपनियों के 43 मोबाइल फोन बरामद हुए; वह वैध स्वामित्व का कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।
मामला बीएनएस की धारा 303(2) के तहत दर्ज हुई 8 अक्टूबर की ई-एफआईआर से जुड़ा है।
रेशमा ने पति मोहम्मद तौफीक और भाई असलम के साथ मिलकर आनंद विहार बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर चोरियाँ करने की बात स्वीकार की।
चोरी के मोबाइल फोन बसों और ट्रेनों से पश्चिम बंगाल भेजकर बेचे जाते थे।
पुलिस अब सीडीआर विश्लेषण से असली मालिकों की पहचान और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार थाने की पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को जेजे कैंप निवासी 27 वर्षीय रेशमा को गिरफ्तार किया और उसके घर से विभिन्न कंपनियों के 43 मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस के अनुसार, ये सभी मोबाइल फोन आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर की गई चोरियों से जुड़े हैं। यह कार्रवाई एक मुखबिर की सूचना पर आधारित थी।

कैसे शुरू हुई जांच

8 अक्टूबर 2026 को एक शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन की चोरी के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी हुआ मोबाइल रेशमा के पास है और उसके घर में अन्य चोरी के मोबाइल भी छिपाए गए हैं।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। इंस्पेक्टर मनीष कुमार (एसएचओ, आनंद विहार) के नेतृत्व में टीम ने जेजे कैंप स्थित रेशमा के घर पर छापा मारा।

तलाशी में सामने आई सच्चाई

पूछताछ के दौरान रेशमा ने शुरू में मोबाइल फोन अपने पास होने से इनकार किया। हालांकि, तलाशी लेने पर उसके घर से विभिन्न कंपनियों के 43 मोबाइल फोन बरामद हुए। रेशमा इन फोनों की वैध खरीद या स्वामित्व से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रही, जिसके बाद पुलिस ने सभी फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी।

नेटवर्क और मोबाइल की तस्करी

प्रारंभिक पूछताछ में रेशमा ने खुलासा किया कि वह अपने पति मोहम्मद तौफीक, भाई असलम और कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी। उसने यह भी बताया कि चोरी के मोबाइल फोन बसों और ट्रेनों के जरिये पश्चिम बंगाल भेजे जाते थे, जहाँ उन्हें बेचा जाता था।

गौरतलब है कि आनंद विहार बस अड्डा और रेलवे स्टेशन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक हैं, जहाँ रोज़ाना लाखों यात्री आते-जाते हैं — जिससे यह इलाका मोबाइल चोरी के लिए संवेदनशील बना रहता है।

आगे की जांच

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण कर उनके वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही अन्य चोरी के मामलों से इन फोनों के संभावित संबंधों की जांच भी की जा रही है। शाहदरा जिला पुलिस के अनुसार, आरोपी के नेटवर्क, सह-आरोपियों और चोरी के मोबाइल फोनों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। मामले में आगे की गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चोरी के सामान को पश्चिम बंगाल तक पहुँचाता था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा अब है — क्या सह-आरोपियों मोहम्मद तौफीक और असलम तक पहुँचा जाएगा, और क्या 43 फोनों के वास्तविक मालिकों को न्याय मिलेगा? भीड़भाड़ वाले परिवहन केंद्रों पर ऐसे गिरोहों की सक्रियता नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के आनंद विहार में क्या हुआ?
पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार थाने की पुलिस ने 9 अक्टूबर 2026 को जेजे कैंप निवासी 27 वर्षीय महिला रेशमा को गिरफ्तार किया और उसके घर से 43 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। मामला एक शिकायतकर्ता के मोबाइल चोरी की जांच के दौरान सामने आया।
रेशमा पर क्या आरोप हैं?
रेशमा पर आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी की वारदातों में शामिल होने का आरोप है। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने पति और भाई के साथ मिलकर यह काम करती थी। मामला बीएनएस की धारा 303(2) के तहत दर्ज है।
चोरी के मोबाइल फोन कहाँ बेचे जाते थे?
रेशमा ने पूछताछ में बताया कि चोरी के मोबाइल फोन बसों और ट्रेनों के जरिये पश्चिम बंगाल भेजे जाते थे, जहाँ उन्हें बेचा जाता था। पुलिस अब इस अंतर-राज्यीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
43 मोबाइल फोन के असली मालिकों को कैसे मिलेगा उनका सामान?
पुलिस बरामद मोबाइल फोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण कर उनके वास्तविक मालिकों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही अन्य चोरी के मामलों से इन फोनों के संभावित संबंधों की भी जांच जारी है।
इस मामले में और कौन-कौन से आरोपी हैं?
रेशमा ने पूछताछ में अपने पति मोहम्मद तौफीक और भाई असलम का नाम लिया है। पुलिस इन दोनों और गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है। आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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