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अनंतपुर के अप्पाजीपेटा गांव में रात को छतों पर पत्थर गिरने का रहस्य, पुलिस गश्त के बाद भी दहशत बरकरार

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अनंतपुर के अप्पाजीपेटा गांव में रात को छतों पर पत्थर गिरने का रहस्य, पुलिस गश्त के बाद भी दहशत बरकरार

सारांश

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के अप्पाजीपेटा गांव में पिछले एक सप्ताह से रात को छतों पर रहस्यमय पत्थर गिर रहे हैं। पुलिस गश्त और 20 युवकों की निगरानी के बावजूद रहस्य बरकरार है। एस्बेस्टस छतों को नुकसान हो रहा है और ग्रामीण सूर्यास्त के बाद घरों में बंद रहने को मजबूर हैं।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के अप्पाजीपेटा गांव में पिछले एक सप्ताह से रात को छतों पर रहस्यमय तरीके से पत्थर गिर रहे हैं।
पुलिस ने चार कांस्टेबल तैनात किए और गांव के 20 युवकों ने पहाड़ी से निगरानी की, फिर भी घटना नहीं रुकी।
पत्थर रात लगभग 10 बजे से बरसने लगते हैं और कुछ-कुछ मिनटों के अंतराल पर जारी रहते हैं।
पत्थरबाजी में कुछ ग्रामीणों को मामूली चोटें आई हैं और एस्बेस्टस छतों को नुकसान हो रहा है।
इससे पहले 2024 में तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी।
ग्रामीण प्रशासन से उच्च स्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं।

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के पिमडी मंडल स्थित अप्पाजीपेटा गांव में पिछले एक सप्ताह से रात के समय घरों की छतों पर रहस्यमय तरीके से पत्थर गिरने की घटनाएँ लगातार जारी हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। पुलिस ने चार कांस्टेबलों की गश्त तैनात की, गांव के करीब 20 युवकों ने भी निकटवर्ती पहाड़ी से निगरानी की, फिर भी यह घटना नहीं रुकी।

घटनाक्रम: कब और कैसे शुरू हुआ

ग्रामीणों के अनुसार, यह सिलसिला करीब एक सप्ताह पहले शुरू हुआ। रात लगभग 10 बजे के बाद छतों पर भारी पत्थर बरसने लगते हैं और यह क्रम कुछ-कुछ मिनटों के अंतराल पर रुक-रुककर जारी रहता है। शुरुआत में ग्रामीणों को संदेह हुआ कि यह शरारती तत्वों का काम हो सकता है, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई का अनुरोध किया।

स्थानीय मीडिया के पहुँचने पर ग्रामीणों ने छतों पर गिरे पत्थर दिखाए। पत्थरबाजी में कुछ ग्रामीणों को मामूली चोटें भी आई हैं।

पुलिस और ग्रामीणों के प्रयास

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार कांस्टेबल गश्त के लिए तैनात किए। इन पुलिसकर्मियों ने दो दिनों तक इलाके में निगरानी की, जबकि गांव के करीब 20 युवकों ने पास की एक पहाड़ी से चौकसी की। हालाँकि, कड़ी निगरानी के बावजूद पत्थर गिरने की घटनाएँ बंद नहीं हुईं।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के सहयोग से किए गए सभी प्रयासों के बाद भी वे इस रहस्य की तह तक नहीं पहुँच पाए हैं।

आम जनता पर असर

डरे हुए ग्रामीण अब सूर्यास्त होते ही अपने घरों में बंद हो जाते हैं और रातों को सो नहीं पा रहे हैं। गांव के अधिकांश घरों की छतें एस्बेस्टस की होने के कारण पत्थरबाजी से उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। कुछ ग्रामीणों ने इसके पीछे अलौकिक गतिविधि का संदेह जताया है।

ग्रामीणों ने अधिकारियों से तत्काल मदद की अपील की है।

पूर्व में भी हुई हैं ऐसी घटनाएँ

यह घटना पहली बार नहीं है जब तेलुगु राज्यों के किसी गांव में इस तरह की रहस्यमय पत्थरबाजी की खबर सामने आई हो। इससे पहले भी तेलुगु राज्यों के कुछ गांवों में ऐसी घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के एक गांव में भी इसी प्रकार की रहस्यमय घटना देखी गई थी।

क्या होगा आगे

अभी तक पुलिस इस घटना का कोई ठोस कारण सामने नहीं ला पाई है। ग्रामीण प्रशासन से उच्च स्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं। जब तक इस रहस्य का पर्दाफाश नहीं होता, अप्पाजीपेटा के निवासी भय और अनिश्चितता में जीने को मजबूर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'अलौकिक' की कहानी फैलना स्वाभाविक है — लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर बाद में मानवीय कारण ही सामने आते हैं। तेलुगु राज्यों और तमिलनाडु में इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं और अधिकांश में जाँच के बाद संगठित शरारत या मनोवैज्ञानिक प्रभाव पाया गया है। प्रशासन को वैज्ञानिक जाँच को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि अफवाहें और सांप्रदायिक तनाव की आशंका न बढ़े।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतपुर के अप्पाजीपेटा गांव में क्या हो रहा है?
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के अप्पाजीपेटा गांव में पिछले एक सप्ताह से रात के समय घरों की छतों पर रहस्यमय तरीके से पत्थर गिर रहे हैं। पत्थरबाजी रात करीब 10 बजे शुरू होती है और रुक-रुककर जारी रहती है।
क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की है?
हाँ, ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने चार कांस्टेबल गश्त के लिए तैनात किए और दो दिनों तक निगरानी की। गांव के करीब 20 युवकों ने भी पुलिस के साथ पहाड़ी से चौकसी की, लेकिन इसके बावजूद पत्थर गिरने की घटना नहीं रुकी।
क्या किसी को चोट लगी है और कितना नुकसान हुआ है?
पत्थरबाजी में कुछ ग्रामीणों को मामूली चोटें आई हैं। गांव के अधिकांश घरों की छतें एस्बेस्टस की होने के कारण पत्थरबाजी से उन्हें सीधा नुकसान हो रहा है।
क्या पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, तेलुगु राज्यों के कुछ गांवों में इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। 2024 में तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के एक गांव में भी इसी तरह की रहस्यमय पत्थरबाजी देखी गई थी।
ग्रामीण इस घटना के बारे में क्या सोचते हैं?
कुछ ग्रामीणों को शुरुआत में शरारती तत्वों पर संदेह था, लेकिन पुलिस गश्त के बाद भी घटना जारी रहने से कुछ लोगों ने अलौकिक गतिविधि की आशंका जताई है। ग्रामीण सूर्यास्त के बाद घरों में बंद हो जाते हैं और अधिकारियों से उच्च स्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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