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आजमगढ़: खाटू श्याम मंदिर निर्माण स्थल पर शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत, दो घायल

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आजमगढ़: खाटू श्याम मंदिर निर्माण स्थल पर शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत, दो घायल

सारांश

आजमगढ़ में निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर की छत की शटरिंग ढहने से एक मजदूर की जान चली गई और दो घायल हुए। यह हादसा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की एक और कड़वी याद दिलाता है।

मुख्य बातें

आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र में 2 नवंबर 2026 को निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर की शटरिंग गिरने से हादसा हुआ।
मजदूर राजाराम राजभर (30 वर्ष) को अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
कमलेश चौहान (23 वर्ष) के सिर में गंभीर चोटें; हायर सेंटर रेफर किया गया।
अरुण चौहान (35 वर्ष) को मामूली चोटें; जिला अस्पताल में उपचार जारी।
पुलिस ने ठेकेदार व संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की; जाँच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 2 नवंबर 2026 को एक दर्दनाक हादसे में कंधरापुर थाना क्षेत्र के भंवरनाथ मंदिर के निकट निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर की शटरिंग अचानक ढह जाने से एक मजदूर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। हादसे में तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से एक को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया।

हादसे का घटनाक्रम

मंदिर की छत पर स्लैब ढलाई की तैयारी चल रही थी और मजदूर छत पर शटरिंग लगाने के काम में जुटे थे। इसी दौरान शटरिंग अचानक भरभराकर गिर पड़ी और काम कर रहे तीनों मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

सूचना मिलते ही कंधरापुर थाने की पुलिस और एंबुलेंस टीम घटनास्थल पर पहुँची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और तीनों मजदूरों को मलबे से निकालकर मंडलीय जिला चिकित्सालय भेजा गया।

मृतक और घायलों का विवरण

मंडलीय जिला चिकित्सालय के ईएमओ डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि राजाराम राजभर (30 वर्ष), निवासी आजमगढ़, को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। दूसरे घायल कमलेश चौहान (लगभग 23 वर्ष) के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है — प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। तीसरे घायल अरुण चौहान (35 वर्ष) को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

जाँच और कार्रवाई

पुलिस के अनुसार हादसे के कारणों की जाँच की जा रही है। आशंका है कि शटरिंग कमज़ोर होने या उसे पर्याप्त सपोर्ट न मिलने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मंदिर निर्माण करा रहे ठेकेदार और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के सवाल

इस हादसे के बाद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर निर्माण में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और समय रहते शटरिंग की मजबूती की जाँच होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में निर्माण स्थलों पर असुरक्षित परिस्थितियों के कारण दुर्घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। जाँच के नतीजे और प्रशासन की कार्रवाई यह तय करेगी कि जिम्मेदारी किस पर तय होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी संरचनात्मक समस्या की उपज है — भारत में असंगठित निर्माण क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों के लिए सुरक्षा मानक अक्सर कागजों तक सीमित रहते हैं। धार्मिक स्थलों के निर्माण में ठेकेदारी प्रथा और न्यूनतम निगरानी का संयोजन जोखिम को और बढ़ा देता है। राजाराम राजभर की मौत यह सवाल छोड़ जाती है कि क्या पुलिस जाँच ठेकेदार के विरुद्ध ठोस कार्रवाई तक पहुँचेगी, या यह भी दर्जनों पूर्व मामलों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजमगढ़ के खाटू श्याम मंदिर में क्या हादसा हुआ?
2 नवंबर 2026 को कंधरापुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर की छत की शटरिंग अचानक ढह गई, जिससे तीन मजदूर मलबे में दब गए। एक मजदूर की मौत हो गई और दो घायल हुए।
हादसे में मृतक और घायल कौन हैं?
मृतक का नाम राजाराम राजभर (30 वर्ष) है, जो आजमगढ़ के निवासी थे। कमलेश चौहान (लगभग 23 वर्ष) को सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। अरुण चौहान (35 वर्ष) मामूली चोटों के साथ जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
शटरिंग गिरने का कारण क्या बताया जा रहा है?
पुलिस के अनुसार आशंका है कि शटरिंग कमज़ोर होने या उसे सही तरीके से सपोर्ट न मिलने के कारण हादसा हुआ। हादसे के सटीक कारणों की जाँच अभी जारी है।
पुलिस ने हादसे के बाद क्या कार्रवाई की?
कंधरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव कार्य कर तीनों मजदूरों को अस्पताल पहुँचाया। पुलिस ने मंदिर निर्माण करा रहे ठेकेदार और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और जाँच रिपोर्ट के बाद लापरवाह लोगों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस हादसे से निर्माण सुरक्षा के बारे में क्या सवाल उठे हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर निर्माण में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। समय रहते शटरिंग की मजबूती जाँची जाती तो हादसा टाला जा सकता था। यह घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर चिंताएँ फिर से सामने लाती है।
राष्ट्र प्रेस
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