मथुरा में ओमेक्स मॉल की शटरिंग ढही, तीन श्रमिकों की मौत; एक आगरा रेफर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित रुक्मणी विहार में 21 अगस्त की रात निर्माणाधीन ओमेक्स 'वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल' में शटरिंग अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिससे तीन श्रमिकों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब दूसरी मंजिल पर छत और छज्जे की ढलाई का काम रात के समय चल रहा था।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, ओमेक्स की इस व्यावसायिक निर्माण साइट पर रात में ढलाई का काम जारी था। इसी दौरान शटरिंग और ढलाई में प्रयुक्त सामग्री अचानक नीचे आ गिरी और चार श्रमिक मलबे की चपेट में आ गए। मलबे से निकाले गए चारों में से एक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहाँ दो अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
गंभीर रूप से घायल चौथे श्रमिक को बेहतर उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मथुरा के पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। उन्होंने कहा, "रुक्मिणी विहार में ओमेक्स की एक कमर्शियल साइट है, जहाँ निर्माण कार्य चल रहा है। वहाँ एक छज्जा बनाया जा रहा था और शटरिंग का काम हो रहा था। अचानक शटरिंग गिर गई और खबर मिली कि उसके नीचे चार मिस्त्री दब गए हैं। इनमें से तीन की मौत हो गई।"
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को घायल श्रमिक का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, मृतकों के परिजनों से संवाद कर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया।
परिजनों के आरोप और मुआवजे की माँग
हादसे के बाद मृतक श्रमिकों के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे की माँग की है। गौरतलब है कि निर्माण स्थलों पर रात में काम के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी के मामले उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आते रहे हैं।
आगे क्या
पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि शटरिंग गिरने का कारण तकनीकी खामी थी या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता। ओमेक्स की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आगरा में भर्ती घायल श्रमिक की स्थिति पर नज़र बनाए रखी जा रही है।