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क्या ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से हुआ बड़ा हादसा?

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क्या ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से हुआ बड़ा हादसा?

सारांश

ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और 5 अन्य मजदूरों को बचा लिया गया है। यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। जानें इस दुखद घटना की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा में एक निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरा।
5 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन एक की मौत हुई।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी को घटना का कारण माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

ग्रेटर नोएडा, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम नगला हुकम सिंह में बुधवार सुबह एक निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से एक बड़ी घटना हुई। जैसे ही लेंटर ढहा, उस समय काम कर रहे मजदूरों पर भारी मलबा गिर पड़ा और वहां अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय निवासियों ने शोर सुनते ही तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और उपकरणों की मदद से तेजी से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 10 से 12 मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

संयुक्त प्रयासों से 5 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिन्हें उपचार के लिए ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, इलाज के दौरान एक मजदूर ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही दुखद घटना है। घायल मजदूरों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है और प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए। साथ ही इस हादसे की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”

स्थानीय लोगों के अनुसार, लेंटर डालने का कार्य चल रहा था कि अचानक पूरी संरचना ढह गई। प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कमजोर निर्माण सामग्री को हादसे का कारण माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और राहत कार्य में कोई बाधा न आए।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें मलबा हटाने का काम लगातार कर रही हैं, और आशंका जताई जा रही है कि मलबे में और मजदूर फंसे हो सकते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा और प्राथमिकता सभी संभावित फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम निर्माण सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में कितने मजदूर प्रभावित हुए?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 10 से 12 मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
क्या प्रशासन ने इस घटना की जांच शुरू की है?
हाँ, जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
घायल मजदूरों का इलाज कहाँ किया जा रहा है?
घायल मजदूरों का इलाज ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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