क्या आप अनिद्रा और खराब रक्त संचार से परेशान हैं? आजमाएं 'लेग्स अप द वॉल' आसन
सारांश
Key Takeaways
- विपरीत करणी आसन मानसिक तनाव को कम करता है।
- यह रक्त संचार को उत्तेजित करता है।
- रोजाना अभ्यास से अनिद्रा में राहत मिलती है।
- इससे चेहरे की चमक बढ़ती है।
- शुरुआत के लिए आसान और सुरक्षित है।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। योग एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जो हमारे शरीर और मन के बीच संतुलन स्थापित करने का एक प्रभावी उपाय है। इनमें से एक सरल और फायदेमंद आसन है 'विपरीत करणी', जिसे नियमित रूप से करने से मानसिक तनाव में कमी आती है।
'विपरीत करणी' संस्कृत के दो शब्दों 'विपरीत' (उल्टा) और 'करणी' (क्रिया) से मिलकर बना है। इस आसन में शरीर की स्थिति उल्टी होती है, जिसे 'सर्वांगासन' का एक साधारण रूप माना जाता है। इसमें पैरों को ऊपर की ओर उठाना होता है, जो शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।
आप इसे बोलचाल की भाषा में 'लेग्स अप द वॉल पोज' के नाम से जानते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यह आसन झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। इस आसन के दौरान शरीर उल्टा होने से, रक्त का संचार निचले अंगों से हृदय और मस्तिष्क की ओर होता है। यह न केवल पाचन क्रिया को उत्तेजित करता है, बल्कि चेहरे की चमक को भी बढ़ाता है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, अनिद्रा और सूजन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
व्यवहारिक दृष्टि से, यह आसन शुरुआती साधकों के लिए आसान है और इसे आमतौर पर ५ से १५ मिनट तक किया जा सकता है। इसे करने के लिए दीवार के सहारे बैठें और धीरे-धीरे लेटते हुए अपने पैरों को दीवार पर सीधा ऊपर टिकाएं। यदि शुरुआत में कठिनाई हो, तो कमर के नीचे कंबल या तकिया लगाएं। सिर और कंधों को जमीन पर रखें। हाथों को बगल में फैलाएं या पेट पर रखें, हथेलियां ऊपर की ओर हों। आँखें बंद करें और गहरी, धीमी सांस लें। अपनी क्षमता के अनुसार इस मुद्रा में कुछ समय तक रहें।
प्रारंभ में कठिनाई हो सकती है, लेकिन नियमित अभ्यास से यह आसान हो जाएगा। हालाँकि, यदि आपको गंभीर गर्दन या पीठ की समस्या है, उच्च रक्तचाप, ग्लूकोमा या गर्भावस्था के अंतिम चरण में हैं, तो इसे करने से पहले योग प्रशिक्षक या चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।