अनुराग जैन ने नीति आयोग CEO का कार्यभार संभाला, चार दशक के प्रशासनिक अनुभव से मिलेगी मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
नीति आयोग के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अनुराग जैन ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी जैन के पास प्रशासन, सुशासन और नीति निर्माण में लगभग चार दशक का अनुभव है, जिसे भारत सरकार के प्रमुख नीति-निर्माण थिंक टैंक के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने इस वर्ष की शुरुआत में अनुराग जैन की नियुक्ति को स्वीकृति दी थी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल दो वर्ष या अगले आदेश तक — जो भी पहले हो — निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल में केंद्र सरकार ने著名 अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था, जिन्होंने सुमन के. बेरी का स्थान लिया था। इस प्रकार नीति आयोग की शीर्ष नेतृत्व संरचना हाल के महीनों में पूरी तरह नई हो गई है।
करियर की प्रमुख जिम्मेदारियाँ
अनुराग जैन इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं — राज्य प्रशासन का सर्वोच्च नौकरशाही पद। केंद्र सरकार में उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। DPIIT में उनके कार्यकाल के दौरान देश की औद्योगिक नीति और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' सुधारों को नई दिशा मिली थी।
नीति आयोग के लिए क्या मायने रखता है यह अनुभव
बुनियादी ढाँचा विकास, औद्योगिक नीति, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों में जैन का व्यापक अनुभव नीति आयोग की कार्यशैली को व्यावहारिक धरातल देने में सहायक माना जा रहा है। नीति आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'नीति आयोग नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन का स्वागत करता है।' विशेषज्ञों के अनुसार, DPIIT और परिवहन मंत्रालय में उनका अनुभव नीति को क्रियान्वयन से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।
आगे की राह और प्राथमिकताएँ
CEO के रूप में जैन केंद्र सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा प्रमुख नीतिगत पहलों के कार्यान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाएँगे। नीति आयोग देश की दीर्घकालिक विकास रणनीतियों, आर्थिक सुधारों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की निगरानी में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नई नेतृत्व जोड़ी — उपाध्यक्ष लाहिड़ी और CEO जैन — के साथ आयोग की नीति-निर्माण क्षमता और राज्यों के साथ समन्वय में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।