आराधना मिश्रा मोना का भाजपा पर हमला: 'पोस्टर फाड़ने से संविधान की लड़ाई और मजबूत होगी'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने 10 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय के पास पोस्टर फाड़ने और राहुल गांधी की तस्वीर पर डंडे मारने जैसी घटनाएँ संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए जारी संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाती हैं, कमजोर नहीं। उन्होंने यह प्रतिक्रिया दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन और भाजपा महिला मोर्चा द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के संदर्भ में दी।
मुख्य घटनाक्रम
मोना के अनुसार, भाजपा महिला मोर्चा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोका। लेकिन लौटते समय कांग्रेस कार्यालय के आसपास लगे पोस्टर फाड़े गए और राहुल गांधी की तस्वीर पर डंडे मारे गए।
मोना ने इन घटनाओं को भाजपा की हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम कांग्रेस की विचारधारा को दबाने की नाकाम कोशिश हैं और पार्टी संविधान की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।
राहुल गांधी पर लगे आरोपों को बताया भ्रामक
महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी के राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को मोना ने भ्रामक करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की महिला सांसदों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हुई और उन्हें चोटें आईं।
उन्होंने प्रियंका गांधी के साथ कथित धक्का-मुक्की की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं की तस्वीरें सार्वजनिक हो चुकी हैं, जो असली तस्वीर सामने रखती हैं। मोना ने भाजपा पर महिला विरोधी विचारधारा रखने का भी आरोप लगाया और दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर आवाज उठाने की माँग की।
दिल्ली को 'छावनी' बताया, पाबंदियों पर सवाल
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता महबूबा मुफ्ती द्वारा दिल्ली के हालात की तुलना अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद के कश्मीर से किए जाने के संदर्भ में मोना ने कहा कि दिल्ली को 'छावनी में बदल दिया गया है।' उन्होंने आरोप लगाया कि मेट्रो स्टेशन, बस सेवाएँ, लोगों की आवाजाही और स्कूलों तक पर पाबंदियाँ लगाई गईं और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
मोना ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक राजनीतिक दल और संगठन का मौलिक अधिकार है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और SIR विवाद
मोना ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित तौर पर करोड़ों नाम हटाए जाने पर भी गंभीर सवाल उठाए। मोना ने दावा किया कि यह मुद्दा केवल विपक्ष ने नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के दो वरिष्ठ सदस्यों ने भी उठाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
भाजपा के 'विदेशी साजिश' के आरोपों पर पलटवार
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा प्रदर्शन के पीछे विदेशी साजिश होने के आरोपों पर मोना ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को गद्दार या विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने वाला बताना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक देश की एकता, अखंडता और संविधान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यह टकराव ऐसे समय में तेज हुआ है जब देशभर में SIR और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों का विरोध-प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है — और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर बहस केंद्र में आ गई है।