आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस 2026: भविष्य की युद्धक आवश्यकताओं पर मंथन, थलसेना प्रमुख ने दी फ्लाइट सेफ्टी ट्रॉफी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना की आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2026 से जारी है और 22 अक्टूबर को भी इसकी कार्यवाही सुचारु रूप से चलती रही। देश के शीर्षस्थ सैन्य कमांडरों ने बदलते सुरक्षा परिदृश्य, सैन्य क्षमताओं के विस्तार और भविष्य की युद्धक आवश्यकताओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सम्मेलन की अध्यक्षता थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ कर रहे हैं।
फ्लाइट सेफ्टी ट्रॉफी का वितरण
गुरुवार को थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना में उड़ान सुरक्षा के उच्च मानकों, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आर्मी एविएशन स्क्वाड्रनों को फ्लाइट सेफ्टी ट्रॉफी प्रदान की। यह ट्रॉफी सेना के विमानन दलों में सुरक्षा प्रक्रियाओं के कड़ाई से पालन और उत्कृष्टता को मान्यता देती है।
इस प्रतियोगिता में हेलीकॉप्टर इकाइयों का मूल्यांकन दो अलग-अलग श्रेणियों में किया गया — ताकि एक इंजन और दो इंजन वाली इकाइयों का निष्पक्ष आकलन सुनिश्चित हो सके। एक इंजन वाले हेलीकॉप्टर की श्रेणी में 665 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (आर एंड ओ) ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती, जबकि दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर की श्रेणी में 209 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (यूएच) को विजेता घोषित किया गया।
भारतीय सेना के अनुसार, यह सम्मान विमानन बेड़े में सशक्त उड़ान सुरक्षा संस्कृति विकसित करने और अभियान-संबंधी उत्कृष्टता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
कमांडर्स कांफ्रेंस का महत्व
गौरतलब है कि आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस वर्ष में दो बार आयोजित होती है और यह सेना का सर्वोच्च नीति-निर्धारण मंच है। इसमें वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व मिलकर सामरिक तैयारियों, उभरती चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश तय करता है। इस बार का सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है और आधुनिक युद्ध की प्रकृति नई तकनीकों के कारण पुनर्परिभाषित हो रही है।
नया 'लैंड वॉर डॉक्ट्रिन' होगा जारी
23 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कमांडर्स कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर थलसेना का नया 'लैंड वॉर डॉक्ट्रिन' भी जारी किया जाएगा। यह सिद्धांत भारतीय सेना को युद्ध के बदलते स्वरूप और भविष्य के संघर्षों की जटिल चुनौतियों के लिए तैयार करने की व्यापक रूपरेखा प्रदान करेगा। यह भारतीय सेना के सामरिक नवीनीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
रक्षा मंत्री के संबोधन और नए लैंड वॉर डॉक्ट्रिन के जारी होने के साथ यह कांफ्रेंस अपने निर्णायक चरण में प्रवेश करेगी। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, नया युद्ध-सिद्धांत ड्रोन, साइबर युद्ध और बहु-आयामी संघर्ष परिदृश्यों में भारतीय सेना की क्षमता को और धारदार बनाने में मदद करेगा।