आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस 2026: जनरल धीरज सेठ की अध्यक्षता में भविष्य के युद्धों पर मंथन, 23 अक्टूबर तक चलेगा सम्मेलन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना की शीर्ष स्तरीय आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुई, जहाँ बदलते सुरक्षा परिदृश्य, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और भविष्य की युद्ध-संबंधी ज़रूरतों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। 23 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ कर रहे हैं। यह सम्मेलन भारतीय सेना को तेज़ी से बदलती युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप ढालने और नीतिगत दिशा तय करने का सर्वोच्च मंच है।
सम्मेलन का उद्देश्य और महत्त्व
आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस वर्ष में दो बार आयोजित होने वाला सेना का सर्वोच्च नीति-निर्माण मंच है। इसमें सेना के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ सैन्य तैयारियों, परिचालन प्राथमिकताओं और भविष्य की ज़रूरतों पर व्यापक चर्चा होती है। इस बार के सम्मेलन का केंद्रीय विषय भविष्य के युद्धों की जटिल चुनौतियाँ हैं — जिनमें साइबर युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हथियार प्रणालियाँ और बहु-आयामी संघर्ष परिदृश्य शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सुरक्षा वातावरण तेज़ी से बदल रहा है और भारत अपनी उत्तरी तथा पश्चिमी सीमाओं पर सतर्कता बनाए हुए है।
जमीनी युद्ध सिद्धांत का विमोचन
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण जमीनी युद्ध सिद्धांत का विमोचन है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जारी करेंगे। यह सिद्धांत भारतीय सेना को युद्ध के बदलते स्वरूप और भविष्य के संघर्षों की चुनौतियों के लिए तैयार करने की व्यापक रूपरेखा प्रदान करेगा। इसके माध्यम से सेना की परिचालन क्षमताओं और तैयारियों को नई दिशा मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन करेंगे।
विशिष्ट अतिथि और वक्तागण
सम्मेलन को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, नौसेना प्रमुख और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव भी संबोधित करेंगे। ये वक्तागण समकालीन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे, जिनमें तकनीकी युद्ध क्षमता, साइबर सुरक्षा और सैन्य-नागरिक समन्वय जैसे अहम पहलू शामिल हैं।
सैनिकों का सम्मान और पुरस्कार
संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भारतीय सेना के जवानों को इस सम्मेलन में सम्मानित किया जाएगा। इन सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र के ध्वज तले अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता और असाधारण समर्पण की स्वीकृति है।
इसके अतिरिक्त, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ पर्यावरणीय स्थिरता, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विमानन सुरक्षा की सुदृढ़ संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान करेंगे। इनमें हरित सैन्य केंद्रों तथा विमानन उड़ान सुरक्षा से संबंधित पुरस्कार शामिल हैं।
आगे की राह
तीन दिवसीय यह सम्मेलन भारतीय सेना की मौजूदा पहलों की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य की प्राथमिकताएँ तय करने का अवसर प्रदान करेगा। सम्मेलन में उन नीतियों और योजनाओं पर विचार किया जाएगा जो सेना को अधिक सक्षम, तकनीक-संपन्न और भविष्य की जटिल चुनौतियों के लिए तैयार बनाएँ। 23 अक्टूबर 2026 को सम्मेलन की समाप्ति के बाद लिए गए प्रमुख निर्णयों और नीतिगत दिशाओं की घोषणा होने की संभावना है।