अरुण साव का राहुल गांधी पर हमला: 'देश में अफवाह फैला रहे, विपक्ष नेता की गरिमा नहीं रख पाए'
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 24 मई 2026 को रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश में अफवाह फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। साव ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वहन नहीं कर पाए हैं और न ही उस पद की गरिमा बनाए रख पाए हैं।
राहुल गांधी पर आरोप
अरुण साव ने कहा कि राहुल गांधी देश में अफवाह फैलाने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए हैं। उनके अनुसार, विपक्ष को जनता के मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी लगातार भ्रामक जानकारी फैलाने में लगे हुए हैं। साव ने कहा, 'जनता जागरूक हो चुकी है। इससे कुछ नहीं होने वाला है। जनता को भी पता चल गया है कि कौन सी सरकार विकास कर सकती है।'
केरल निर्वाचन अधिकारी विवाद पर प्रतिक्रिया
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने के मुद्दे पर भी साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ नेता केवल अपने राजनीतिक हित और सुविधा के अनुसार फैसले लेते हैं। साव ने ऐसे नेताओं को अवसरवादी करार देते हुए कहा कि राजनीति में सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों का पालन होना चाहिए।
कांग्रेस की आंतरिक कलह पर निशाना
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए साव ने कहा कि बघेल को पहले अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) अंदरूनी कलह और नेतृत्व संघर्ष से जूझ रही है। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं — कुछ नेता अपने समर्थकों को दिल्ली भेजना चाहते हैं, जबकि कुछ नए मुख्यमंत्री की तलाश में हैं। साव ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने आंतरिक विवाद सुलझाने चाहिए।
BJP की ताकत और नेतृत्व पर बयान
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए साव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत नेतृत्व के कारण आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों के समर्पण और त्याग से पार्टी इस मुकाम तक पहुँची है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में BJP लगातार मजबूत हो रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।