अरुणाचल पुलिस की चेतावनी: बॉर्डर से जुड़ी अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न करें
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से अपील की कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई घटनाओं, सुरक्षा बलों की आवाजाही और तैनाती से संबंधित किसी भी अपुष्ट तस्वीर, वीडियो या संदेश को सोशल मीडिया पर साझा न करें। ईटानगर स्थित पुलिस मुख्यालय से डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के कार्यालय द्वारा जारी यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील सुरक्षा-संबंधी सामग्री के प्रसार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
एडवाइजरी की मुख्य बातें
पुलिस मुख्यालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं से जुड़ी घटनाओं और सुरक्षा बलों की परिचालन गतिविधियों से संबंधित सामग्री विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर तेज़ी से फैल रही है। अधिकारियों ने रेखांकित किया कि ऐसी जानकारी, भले ही सद्भावना से साझा की जाए, ऑपरेशनल सुरक्षा और सुरक्षाकर्मियों की जान को अनजाने में खतरे में डाल सकती है।
एडवाइजरी में नागरिकों से विशेष रूप से कहा गया कि वे सुरक्षा बलों की लोकेशन, आवाजाही, तैनाती या परिचालन गतिविधियों से जुड़ी कोई भी सामग्री अपलोड या फॉरवर्ड न करें।
सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता
पुलिस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट सामग्री बिना पर्याप्त जाँच-पड़ताल के 'प्रामाणिक' बताकर प्रसारित की जा सकती है, जिससे जनता में भय, भ्रम और अनावश्यक चिंता फैलने का खतरा रहता है। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब भारत-चीन सीमा के निकट स्थित अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा संवेदनशीलता हमेशा ऊँची रहती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में एक गलत वीडियो या तस्वीर कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुँच सकती है, जिससे रणनीतिक जानकारी का अनजाने में खुलासा हो सकता है।
नागरिकों से अपील
अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं के लिए केवल आधिकारिक बयानों और सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करें। पुलिस ने अफवाहें न फैलाने की अपील करते हुए कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार राज्य और देश की सुरक्षा में प्रत्येक नागरिक का सीधा योगदान है।
बयान में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग और हर व्यक्ति की थोड़ी-सी सतर्कता सामाजिक शांति बनाए रखने और सुरक्षाकर्मियों का मनोबल ऊँचा रखने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
आगे क्या
पुलिस ने संकेत दिया है कि सुरक्षा-संवेदनशील सामग्री के प्रसार पर नज़र रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी संदिग्ध या भ्रामक सामग्री की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।