ईद उल-अज़हा से पहले दनकौर में पीस कमेटी बैठक, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर शांति अपील
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन ने ईद उल-अज़हा से पूर्व सामाजिक सौहार्द सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 25 मई 2025 को थाना दनकौर परिसर में पीस कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित की। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में धर्म गुरुओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को एकजुट कर भाईचारे का संदेश दिया गया।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
डीसीपी और एडीसीपी ग्रेटर नोएडा के पर्यवेक्षण में एसीपी तृतीय ग्रेटर नोएडा अरविन्द कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से अपील की कि सभी समुदाय मिलकर पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाएँ तथा ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए समस्त तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
सोशल मीडिया अफवाहों पर कड़ी चेतावनी
एसीपी अरविन्द कुमार ने बैठक में कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व प्रायः त्योहारों के दौरान माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। साथ ही उन्होंने अपील की कि बिना पुष्टि के कोई भी संदेश सोशल मीडिया पर साझा न किया जाए।
कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक भावनाएँ भड़काने, दुष्प्रचार फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया कि पूरे क्षेत्र में निगरानी चाक-चौबंद रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
समुदाय का सहयोग का आश्वासन
बैठक में उपस्थित धर्म गुरुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। सभी ने एकमत से कहा कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सौहार्द की परंपरा सदा से रही है, जिसे आगे भी अटूट बनाए रखा जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में त्योहारी मौसम से पहले प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाई जा रही है।
गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर एनसीआर का एक महत्वपूर्ण ज़िला है जहाँ विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं। प्रशासन की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग के उस मॉडल को दर्शाती है जिसमें कानून-व्यवस्था को केवल बल-प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास के माध्यम से सुनिश्चित किया जाता है।