आशा भोसले: फिल्मी गीतों से परे, जिंगल्स के जरिए साबुन और रसना को घर-घर पहुंचाने वाली अद्वितीय आवाज

Click to start listening
आशा भोसले: फिल्मी गीतों से परे, जिंगल्स के जरिए साबुन और रसना को घर-घर पहुंचाने वाली अद्वितीय आवाज

सारांश

आशा भोसले, जिन्होंने भारतीय संगीत के साथ-साथ विज्ञापन जगत में भी अपनी छाप छोड़ी, का हाल ही में निधन हुआ। जानिए कैसे उनकी जिंगल्स ने भारतीय ब्रांड्स को नई पहचान दी।

Key Takeaways

  • आशा भोसले का संगीत करियर सात दशकों तक फैला।
  • उन्होंने जिंगल्स के माध्यम से विज्ञापन जगत में नई पहचान बनाई।
  • उनकी आवाज ने ब्रांड वैल्यू को काफी मजबूत किया।
  • आशा भोसले ने रसना और हिंदुस्तान लीवर जैसे ब्रांड्स के लिए जिंगल्स गाए।
  • उनकी जिंगल्स आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय संगीत के क्षेत्र में सात दशकोंआशा भोसले का निधन रविवार को हुआ। उनकी उम्र 92 वर्ष थी। फिल्मी गानों, गजलों और पॉप संगीत में अपनी अद्वितीय बहुमुखी प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध आशा भोसले ने केवल सिनेमा तक सीमित रहने के बजाय, भारत के प्रारंभिक विज्ञापन उद्योग में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खासकर, रेडियो और टेलीविजन जिंगल्स के सुनहरे युग में, उनकी आवाज ने विज्ञापनों को एक नई पहचान दी। यह वह समय था, जब भारतीय कंपनियों ने अपने ब्रांड को घर-घर पहुँचाने के लिए सोनिक आइडेंटिटी में निवेश करना शुरू किया।

इस दौरान, आशा भोसले उन गिनती के प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर्स में थीं, जिन्होंने ब्रांड की ताकत बढ़ाने के लिए जिंगल्स को अपनी आवाज दी। उन्होंने जिंगल्स को एक साधारण संदेश से परे जाकर यादगार संगीत रचनाओं में तब्दील कर दिया।

1960-70 के दशकों में, आशा भोसले का एक लोकप्रिय विज्ञापन हिंदुस्तान लीवर (अब हिंदुस्तान यूनीलीवर) के हिमालया बुके टॉयलेट सोप का था। इसमें जान निसार अख्तर के लिखे जिंगल “फूल के समान है” को उन्होंने अपनी मधुर आवाज से सजाया। इस जिंगल ने उत्पाद की कोमलता और खुशबू को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कई वर्षों बाद, आशा भोसले ने 2002 में रसना के लिए “रसीला रोजाना उत्सव” जिंगल के साथ विज्ञापन जगत में वापसी की। इस विज्ञापन ने पुरानी यादों को ताजा करने के साथ-साथ रसना को एक पारिवारिक पसंद के रूप में स्थापित किया।

उनकी पहचान से अलग-अलग पीढ़ियों के बीच इस ब्रांड की छवि और भी मजबूत हो गई। आशा भोसले उन कुछ भारतीय गायकों में से थीं, जिन्होंने पॉप और फ्यूजन संगीत के मुख्यधारा में आने से पूर्व इन शैलियों के साथ प्रयोग किया।

Point of View

बल्कि विज्ञापन क्षेत्र में भी एक नई दिशा दी। उनके जिंगल्स आज भी याद किए जाते हैं, जो उनके बहुआयामी करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

आशा भोसले का योगदान क्या था?
आशा भोसले ने भारतीय संगीत, फिल्मी गाने, गजल, और जिंगल्स में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।
उन्होंने किस प्रसिद्ध जिंगल को गाया?
आशा भोसले ने 'हिमालया बुके टॉयलेट सोप' का जिंगल 'फूल के समान है' गाया था, जो बहुत प्रसिद्ध हुआ।
उनकी वापसी कब हुई?
आशा भोसले ने 2002 में 'रसना' के लिए 'रसीला रोजाना उत्सव' जिंगल के साथ विज्ञापन जगत में वापसी की।
आशा भोसले का जन्म कब हुआ?
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था।
आशा भोसले की उम्र कितनी थी जब उनका निधन हुआ?
आशा भोसले का निधन 92 वर्ष की आयु में हुआ।
Nation Press