जब आशा भोसले के दर्द में सोनू निगम ने दी मदद, एक अविस्मरणीय अनुभव
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फिल्म उद्योग की अमूल्य धरोहर, आशा भोसले, का निधन 12 अप्रैल को हुआ। हाल ही में उनके बेटे और पोती को गंगा में उनकी अस्थियों को विसर्जित करते देखा गया।
आशा जी के निधन से सभी लोग शोक में हैं और अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। इसी बीच, सोनू निगम ने एक किस्सा साझा किया, जब उन्होंने पहली बार आशा भोसले के साथ मंच साझा किया था।
सोनू ने एक वीडियो में बताया कि उनका पहला प्रदर्शन आशा जी के साथ एक व्यवसायी के बेटे की शादी में हुआ था। उस समय आशा जी की आवाज़ में समस्या थी और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनके साथ गाना चाहूंगा। उस पल मैंने सोचा कि इतने बड़े गायक के साथ मंच साझा करना एक सम्मान की बात है।
सोनू ने कहा, उस समय आशा जी का गला खराब था, लेकिन फिर भी उन्होंने 'झूठे नैना बोले सांची बतियां' गाना अद्भुत ढंग से गाया और मेरी मदद की आवश्यकता नहीं पड़ी। उनकी गायकी के प्रति समर्पण ने मुझे प्रेरित किया। बाद में, हमने विदेश में भी एक शो किया। उस शो के दौरान, आशा जी के पैर में दर्द हो रहा था और वह ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थीं; मैंने बैकस्टेज जाकर उनके पैर दबाए और वह तुरंत ठीक हो गईं। यह दर्शाता है कि कैसे सोनू की मां भी इसी समस्या से जूझ रही थीं।
सोनू ने कहा कि पैर दबाने का यह अनुभव उन्हें लंबे समय तक याद रहा। आशा जी ने खुद हाथ से दाल और चावल बनाकर हमें खिलाया। सोनू ने कहा कि हमें आशा जी जैसी महानता को याद करते हुए दुख नहीं करना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह जीया और खूबसूरत तरीके से जिया।