मणिपुर: कामजोंग में असम राइफल्स-सेना ने 27 आईईडी निष्क्रिय किए, 3 उग्रवादी और ड्रग तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स और भारतीय सेना ने 9 अक्टूबर 2026 को मणिपुर के कामजोंग जिले में एक संयुक्त खुफिया अभियान के दौरान 27 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद कर उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया। शांगखालोक-पिलोंग मार्ग पर करीब 8 किलोमीटर लंबे पहाड़ी रास्ते पर चले इस अभियान में 48 घंटे लगे और इसमें विस्फोटकों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों और विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया गया।
अभियान का विवरण
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, बम निरोधक टीमों ने पहाड़ी मार्ग के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखे गए इन विस्फोटक उपकरणों का पता लगाया और उन्हें सावधानीपूर्वक नष्ट किया। समय पर की गई इस कार्रवाई से इलाके में शांति और सुरक्षा भंग करने की संभावित कोशिशों को नाकाम करने में सहायता मिली।
इस अभियान को म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट होने के कारण विशेष महत्व दिया जा रहा है। सुरक्षा बलों के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य था।
उग्रवादियों की गिरफ्तारी
अलग-अलग अभियानों में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP) और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (PREPAK) से संबद्ध बताए जा रहे हैं।
ये गिरफ्तारियाँ इंफाल पूर्वी जिले में अलग-अलग स्थानों पर की गईं। दोनों संगठन भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित घोषित हैं।
ड्रग तस्कर और हथियार बरामदगी
एक अन्य कार्रवाई में चुराचांदपुर जिले के तुइदाम गाँव निवासी 35 वर्षीय नगमखोजांग किपगेन को संदिग्ध ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़ा गया। उसके पास से साबुन की 60 डिब्बियों में छिपाकर रखा गया कथित तौर पर कुल 785 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद होने का आरोप है।
इंफाल पश्चिम जिले के वांगोई पुलिस थाना क्षेत्र में वैशन नदी के किनारे चलाए गए एक अलग तलाशी अभियान में मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने एक 7.62 एमएम सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), एक मैगजीन, एक सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग हथियार, 9 जिंदा कारतूस और 3 वायरलेस संचार सेट बरामद किए।
म्यांमार सीमा और सुरक्षा चुनौतियाँ
गौरतलब है कि कामजोंग के अलावा चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल और उखरुल जिले भी म्यांमार से सटे हैं। इन पाँच जिलों में कुल 398 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिस पर अब तक बाड़ नहीं लगाई जा सकी है।
यह स्थिति सीमा पार से अवैध हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की आवाजाही की आशंका को बनाए रखती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों, गोला-बारूद और संचार उपकरणों की जाँच जारी है ताकि राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क की पहचान की जा सके।
आगे की रणनीति
मणिपुर में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान लगातार जारी हैं। संवेदनशील, मिश्रित आबादी वाले और सीमावर्ती इलाकों में नियमित तलाशी और गश्त की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सांप्रदायिक तनाव की पृष्ठभूमि में सुरक्षा बल उग्रवादी गतिविधियों पर व्यापक दबाव बनाए हुए हैं, और आने वाले समय में ऐसे अभियानों की आवृत्ति और बढ़ने की संभावना है।