असम के 50% से अधिक स्टार्टअप महिला संस्थापकों के नेतृत्व में: CM हिमंता बिस्वा सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 6 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि असम के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप अब महिला संस्थापकों द्वारा संचालित हैं। उनके अनुसार यह आँकड़ा राज्य में महिला उद्यमिता के व्यापक विस्तार और लैंगिक समावेश की दिशा में असम की प्रगति का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री का बयान
सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि असम के आधे से अधिक स्टार्टअप महिला संस्थापकों द्वारा संचालित हैं, जो यह दर्शाता है कि राज्य लिंग भेद के बिना सभी को समान अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि असम में लैंगिक भेदभाव कभी था ही नहीं। यह टिप्पणी राज्य सरकार के उस व्यापक एजेंडे का हिस्सा है जिसमें उद्यमिता और रोज़गार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है।
किन क्षेत्रों में सक्रिय हैं महिला उद्यमी
असम में महिला उद्यमी खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग से लेकर प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य सेवा-उन्मुख व्यवसायों तक तेज़ी से अपनी पहचान बना रही हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता ने राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम में विविधता लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गौरतलब है कि यह विविधीकरण न केवल रोज़गार के नए द्वार खोल रहा है, बल्कि असम की समग्र आर्थिक विकास गाथा को भी नया आयाम दे रहा है।
असम सरकार का उद्यमिता एजेंडा
राज्य सरकार युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और उभरते व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में सक्रिय है। उद्यमिता को पारंपरिक नौकरी के एक सशक्त विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत भर की सरकारें महिलाओं की उद्यमशीलता भागीदारी बढ़ाने और वित्त, प्रौद्योगिकी तथा बाज़ारों तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने पर ज़ोर दे रही हैं।
व्यापक संदर्भ
सरमा का यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर उभर रही उस प्रवृत्ति के अनुरूप है जिसमें राज्य सरकारें महिला उद्यमिता को अपनी आर्थिक नीति का केंद्र बना रही हैं। असम अब खुद को एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है, जहाँ व्यावसायिक अवसर लिंग की सीमाओं से परे हों। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये दावे नीतिगत ढाँचे और सत्यापन-योग्य आँकड़ों से पुष्ट होते हैं।