अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत: जीरो ग्रैविटी में भोजन, पोषण और व्यायाम की निर्णायक भूमिका
सारांश
मुख्य बातें
नासा के अनुसार, अंतरिक्ष में लंबे मिशनों के दौरान माइक्रोग्रैविटी (सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण) के कारण अंतरिक्ष यात्रियों की हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं, मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं और हृदय संबंधी स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इन प्रभावों से निपटने के लिए नासा (NASA) विशेष रूप से तैयार पोषण कार्यक्रमों और अनिवार्य व्यायाम दिनचर्या के ज़रिए एस्ट्रोनॉट्स की शारीरिक और मानसिक सेहत को बनाए रखता है। 6 मई को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, यह चुनौती स्पेस एजेंसियों के लिए आज भी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बनी हुई है।
पोषण की भूमिका: मिशन से पहले, दौरान और बाद में
अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सही पोषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नासा की स्पेस फूड सिस्टम्स लेबोरेटरी, ह्यूस्टन के विशेषज्ञ पौष्टिक और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ तैयार करते हैं, जो मिशन से पहले, दौरान और बाद में यात्रियों को बेहतर प्रदर्शन करने में सहायक होते हैं। स्पेस स्टेशन पर भोजन केवल शारीरिक ज़रूरत नहीं पूरी करता — यह मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रत्येक यात्री को अपने पसंदीदा व्यंजन चुनने का विकल्प दिया जाता है, जो लंबे मिशनों में मनोबल बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है। नासा के पोषण विशेषज्ञ प्रत्येक यात्री की आवश्यकता के अनुसार विटामिन, खनिज और कैलोरी का सटीक संतुलन निर्धारित करते हैं।
आहार निगरानी: डेटा और रक्त परीक्षण से होती है साप्ताहिक समीक्षा
हर अंतरिक्ष यात्री प्रतिदिन एक टैबलेट-आधारित ऐप के ज़रिए अपना पूरा आहार लॉग करता है। इस डेटा की साप्ताहिक समीक्षा की जाती है। इसके अलावा, मिशन से पहले, दौरान और बाद में रक्त व मूत्र के नमूनों का विश्लेषण कर शरीर की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जाता है।
इस प्रक्रिया से यह समझा जाता है कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण, विकिरण और अन्य अंतरिक्षीय कारकों के बीच शरीर किस प्रकार अनुकूलित हो रहा है। गौरतलब है कि हर व्यक्ति का शरीर इन प्रभावों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देता है, इसलिए नासा के फ्लाई सर्जन प्रत्येक यात्री के लिए व्यक्तिगत आहार और फिटनेस दिनचर्या तय करते हैं।
व्यायाम क्यों अनिवार्य है: ढाई घंटे रोज़ाना
वैज्ञानिकों के अनुसार, सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण न होने से हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं, मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं और हृदय संबंधी स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इन प्रभावों से बचाव के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर प्रत्येक यात्री के लिए प्रतिदिन ढाई घंटे का व्यायाम अनिवार्य है।
यह व्यायाम कार्यक्रम मांसपेशियों की शक्ति, हड्डियों की घनत्व, एरोबिक क्षमता और संवेदी-मोटर स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब मंगल मिशन जैसे दीर्घकालिक अभियानों की योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
स्टेशन पर उपलब्ध व्यायाम उपकरण
स्पेस स्टेशन पर तीन प्रमुख व्यायाम उपकरण उपलब्ध हैं। पहला है एआरईडी (ARED — Advanced Resistive Exercise Device), जो मांसपेशियों और हड्डियों को मज़बूत रखने के लिए प्रतिरोध प्रशिक्षण प्रदान करता है। दूसरा है टी2 ट्रेडमिल (T2 Treadmill), जो चलने और दौड़ने के लिए उपयोग किया जाता है। तीसरा है सीईवीआईएस (CEVIS — Cycle Ergometer with Vibration Isolation and Stabilization), जो हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है।
मानसिक स्वास्थ्य और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए एस्ट्रोनॉट्स को परिवार से संपर्क, वीडियो कॉल, क्रू केयर पैकेज और ज़रूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में स्टेशन पर पूरी सुविधा और प्रशिक्षित क्रू मौजूद रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे मानव अंतरिक्ष अभियान और अधिक दीर्घकालिक होते जाएँगे, पोषण, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन के ये कार्यक्रम और भी परिष्कृत होते जाएँगे।