क्या पंजाब पुलिस ने दिल्ली विधानसभा के नोटिस पर आतिशी वीडियो मामले में जवाब दिया?
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब पुलिस ने आतिशी के वीडियो को फर्जी बताया।
- फोरेंसिक जांच में वीडियो में 'गुरु' शब्द का उपयोग नहीं पाया गया।
- दिल्ली विधानसभा ने इस मामले में नोटिस जारी किया।
- राजनीतिक विवादों में संवेदनशीलता होती है।
- कानून और तथ्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
चंडीगढ़, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में नेता विपक्ष आतिशी से जुड़े गुरु साहेब के अपमान वीडियो प्रकरण में पंजाब पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली विधानसभा के नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया है। अपने उत्तर में पंजाब पुलिस ने आतिशी द्वारा सदन में गुरुओं के अपमान के वीडियो को फर्जी करार दिया है।
पंजाब पुलिस ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो चुका है कि वीडियो में कहीं भी 'गुरु' शब्द का उल्लेख नहीं किया गया है। यह एडिटेड वीडियो माहौल को बिगाड़ने की इरादे से सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। वीडियो में छेड़छाड़ से जुड़े कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस ने बताया कि इस मामले में उनकी जिम्मेदारी अदालत और मजिस्ट्रेट के सामने है।
गौरतलब है कि सिख गुरु के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते उत्पन्न विवाद के बीच दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस को नोटिस भेजा था। विधानसभा के सचिव रंजीत सिंह ने इस संदर्भ में जालंधर पुलिस कमिश्नर और पंजाब के डायरेक्टर जनरल को पत्र भी लिखा था।
इससे पहले, दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने आम आदमी पार्टी की नेता और सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की वीडियो क्लिप के आधार पर पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया था।
दिल्ली विधानसभा के विशेषाधिकारों के उल्लंघन के लिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), विशेष डीजीपी (साइबर अपराध), और जालंधर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया गया।
दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा और कुछ अन्य भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें दावा किया गया था कि इस वीडियो में आतिशी ने दिल्ली विधानसभा के सत्र के दौरान सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है। यह बहस दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई थी।
इसके बाद पंजाब की जालंधर पुलिस ने एक स्थानीय नेता इकबाल सिंह की शिकायत पर इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक जांच में यह पाया गया कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई थी और आतिशी ने 'गुरु' शब्द का अपमानजनक संदर्भ में उपयोग नहीं किया था जैसा कि कैप्शन में दर्शाया गया था।