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क्या हम सभी बाबासाहेब के प्रति हमेशा आभारी रहेंगे?

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क्या हम सभी बाबासाहेब के प्रति हमेशा आभारी रहेंगे?

सारांश

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे। अंबेडकर का संविधान आज भी समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जानिए इस महापरिनिर्वाण दिवस पर क्या कहा गया।

मुख्य बातें

बाबासाहेब अंबेडकर की पुण्यतिथि पर हमें उनके योगदान को याद करना चाहिए।
महापरिनिर्वाण दिवस सामाजिक न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उनका संविधान आज भी समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नई दिल्ली, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि को 'महापरिनिर्वाण दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देशवासी सुदृढ़, सशक्त और उन्नत भारत के निर्माण में भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सभी बाबासाहेब अंबेडकर के हमेशा आभारी रहेंगे।

महापरिनिर्वाण दिवस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हम सभी बाबासाहेब अंबेडकर से प्रेरणा लेते हैं, जिन्होंने देश में सामाजिक सद्भाव स्थापित करने, दुनिया का सबसे अच्छा संविधान बनाने, सभी को अवसर प्रदान करने और बेहतर भविष्य के लिए देश को सशक्त बनाने का काम किया। हम इसके लिए हमेशा उनके आभारी रहेंगे।"

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, "आज बाबासाहेब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है, जिनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था। हर साल, संसद परिसर में सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जहां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, विपक्ष के नेता और कई अन्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।"

रामदास आठवले ने आगे कहा, "बाबासाहेब ने ऐसा संविधान दिया है कि अगर कोई देश तोड़ने की कोशिश करेगा, तो वह खुद टूट जाएगा। बाबासाहेब ने दलितों के लिए सबसे बड़ा काम किया। उनका यह संविधान बहुत ही शक्तिशाली है।"

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, "आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है, जिस दिन उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली थी। उन्हें सम्मान देने के लिए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, कई मंत्री, सांसद और राहुल गांधी भी मौजूद थे। हम सभी ने बाबासाहेब को गहरे सम्मान के साथ याद किया और श्रद्धांजलि दी।"

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "महापरिनिर्वाण दिवस पर वे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को स्मरण करते हैं। उनकी दूरदर्शी सोच, न्याय और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता तथा संवैधानिक मूल्यों ने भारत की विकास यात्रा को दिशा दी है।"

उन्होंने आगे कहा, "अंबेडकर ने पीढ़ियों को मानव गरिमा और लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।" पीएम मोदी ने कामना की कि बाबासाहेब के आदर्श विकसित भारत के निर्माण में आगे भी हमारा मार्ग रोशन करते रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब हम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को याद करते हैं, हमें यह समझना चाहिए कि उनका योगदान केवल संविधान के निर्माण तक सीमित नहीं है। वे सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी हमारे समाज को दिशा देते हैं। यह दिन हमें उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महापरिनिर्वाण दिवस क्यों मनाया जाता है?
महापरिनिर्वाण दिवस बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है, ताकि उनकी याद में श्रद्धांजलि दी जा सके।
बाबासाहेब अंबेडकर का योगदान क्या है?
बाबासाहेब अंबेडकर ने भारत को एक मजबूत और समतामूलक संविधान दिया, जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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