30 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: मतदान के बाद NDA की जीत पर आश्वस्त अशोक चौधरी और रामकृपाल यादव, नीरज सिन्हा की जीत का दावा

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बांकीपुर उपचुनाव: मतदान के बाद NDA की जीत पर आश्वस्त अशोक चौधरी और रामकृपाल यादव, नीरज सिन्हा की जीत का दावा

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में मतदान के बाद NDA के दो वरिष्ठ नेता खुलकर मैदान में आए — अशोक चौधरी और रामकृपाल यादव ने नीरज कुमार सिन्हा की जीत का दावा किया। जन सुराज समर्थकों की गिरफ्तारी का मुद्दा भी गरमाया, जिसे दोनों नेताओं ने कानून-व्यवस्था का मामला बताकर टाल दिया।

मुख्य बातें

30 जुलाई 2026 को बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ।
बिहार मंत्री अशोक चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने परिवार सहित मतदान किया।
दोनों नेताओं ने NDA प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की जीत का दावा किया।
जन सुराज समर्थकों की पुलिस हिरासत के आरोपों को दोनों नेताओं ने कानून-व्यवस्था का मामला बताया।
अशोक चौधरी ने उम्मीद जताई कि इस बार बांकीपुर में पिछले चुनाव से अधिक मतदान होगा।

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को हुए उपचुनाव में मतदान के बाद बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने एनडीए (NDA) प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की जीत का दावा किया। दोनों नेताओं ने अपने-अपने परिवार के सदस्यों के साथ मतदान केंद्रों पर पहुँचकर वोट डाला और मीडिया से बातचीत में कहा कि बांकीपुर की जनता विकास, कार्यकर्ता-आधारित राजनीति और स्थानीय जुड़ाव के पक्ष में मतदान कर रही है।

नेताओं का दावा और जनादेश की उम्मीद

दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि बांकीपुर की जनता नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में स्पष्ट जनादेश देगी और कमल चुनाव चिह्न के समर्थन में परिणाम सामने आएगा। उनके अनुसार, मतदान केंद्रों पर सभी वर्गों के मतदाता एनडीए के पक्ष में उत्साहपूर्वक भाग लेते दिखे।

रामकृपाल यादव: 'घर के बेटे' को प्राथमिकता

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बांकीपुर की जनता हमेशा अपने क्षेत्र से जुड़े और सुख-दुख में साथ रहने वाले प्रतिनिधि को प्राथमिकता देती है। उनके शब्दों में, लोग किसी बाहरी व्यक्ति के बजाय अपने 'घर के बेटे' को चुनना पसंद करते हैं।

उन्होंने कहा कि पहले नितिन नवीन को जनता का व्यापक समर्थन मिला था और अब उसी विश्वास के साथ लोग नीरज कुमार सिन्हा को समर्थन दे रहे हैं। यादव ने यह भी कहा कि आज की राजनीति में धनबल नहीं, बल्कि जनसेवा और जनता के बीच निरंतर उपस्थिति का महत्व है।

जन सुराज समर्थकों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया

प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के समर्थकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के आरोपों पर रामकृपाल यादव ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उनके अनुसार, कानून के दायरे में रहकर ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

अशोक चौधरी: कार्यकर्ता परंपरा का प्रतिनिधित्व

बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बांकीपुर वह सीट है जहाँ से नितिन नवीन लगातार जनता का विश्वास जीतते रहे हैं और अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी साधारण कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास करती है।

गिरफ्तारियों के मुद्दे पर चौधरी ने कहा कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एहतियात के तौर पर कार्रवाई करती है और इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार बांकीपुर में पिछली बार की तुलना में अधिक मतदान होगा और शिक्षित मतदाता बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाएंगे।

आगे क्या

मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि बांकीपुर की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है। यह उपचुनाव बिहार की राजनीति में एनडीए, जन सुराज और विपक्ष की ताकत का अहम पैमाना माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह सीट पटना की प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में से एक है और इसके परिणाम का असर राज्य की राजनीतिक दिशा पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'घर के बेटे' की अवधारणा वास्तव में मतदाताओं को प्रभावित कर रही है या यह महज चुनावी बयानबाजी है। जन सुराज समर्थकों की गिरफ्तारी का मुद्दा जिस तरह दबाया गया, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। मतगणना ही बताएगी कि बिहार की इस प्रतिष्ठित सीट पर जनता ने किस राजनीतिक धारा को चुना — NDA की निरंतरता को या बदलाव की माँग को।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव 2026 में NDA का प्रत्याशी कौन है?
NDA ने बांकीपुर उपचुनाव 2026 में नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है। वे लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और पूर्व विधायक नितिन नवीन की सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
बांकीपुर सीट पर उपचुनाव क्यों हुआ?
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि पूर्व विधायक नितिन नवीन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कारण यह सीट रिक्त हो गई थी।
जन सुराज समर्थकों की गिरफ्तारी का मामला क्या है?
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के कुछ समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। NDA नेताओं ने इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की एहतियाती कार्रवाई बताया और इसे राजनीतिक रंग देने से इनकार किया।
रामकृपाल यादव ने बांकीपुर की जनता के बारे में क्या कहा?
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बांकीपुर की जनता हमेशा अपने क्षेत्र से जुड़े और 'घर के बेटे' को प्राथमिकता देती है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता नीरज कुमार सिन्हा को उसी विश्वास के साथ समर्थन दे रहे हैं जो पहले नितिन नवीन को मिला था।
बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम बिहार की राजनीति पर क्या असर डालेगा?
बांकीपुर पटना की प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में से एक है और इसका परिणाम NDA, जन सुराज और विपक्ष की ताकत का पैमाना माना जा रहा है। यह उपचुनाव 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की जमीनी स्थिति का संकेत देगा।
राष्ट्र प्रेस
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