बांकीपुर उपचुनाव: मतदान के बाद NDA की जीत पर आश्वस्त अशोक चौधरी और रामकृपाल यादव, नीरज सिन्हा की जीत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को हुए उपचुनाव में मतदान के बाद बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने एनडीए (NDA) प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की जीत का दावा किया। दोनों नेताओं ने अपने-अपने परिवार के सदस्यों के साथ मतदान केंद्रों पर पहुँचकर वोट डाला और मीडिया से बातचीत में कहा कि बांकीपुर की जनता विकास, कार्यकर्ता-आधारित राजनीति और स्थानीय जुड़ाव के पक्ष में मतदान कर रही है।
नेताओं का दावा और जनादेश की उम्मीद
दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि बांकीपुर की जनता नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में स्पष्ट जनादेश देगी और कमल चुनाव चिह्न के समर्थन में परिणाम सामने आएगा। उनके अनुसार, मतदान केंद्रों पर सभी वर्गों के मतदाता एनडीए के पक्ष में उत्साहपूर्वक भाग लेते दिखे।
रामकृपाल यादव: 'घर के बेटे' को प्राथमिकता
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बांकीपुर की जनता हमेशा अपने क्षेत्र से जुड़े और सुख-दुख में साथ रहने वाले प्रतिनिधि को प्राथमिकता देती है। उनके शब्दों में, लोग किसी बाहरी व्यक्ति के बजाय अपने 'घर के बेटे' को चुनना पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले नितिन नवीन को जनता का व्यापक समर्थन मिला था और अब उसी विश्वास के साथ लोग नीरज कुमार सिन्हा को समर्थन दे रहे हैं। यादव ने यह भी कहा कि आज की राजनीति में धनबल नहीं, बल्कि जनसेवा और जनता के बीच निरंतर उपस्थिति का महत्व है।
जन सुराज समर्थकों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के समर्थकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के आरोपों पर रामकृपाल यादव ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उनके अनुसार, कानून के दायरे में रहकर ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
अशोक चौधरी: कार्यकर्ता परंपरा का प्रतिनिधित्व
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बांकीपुर वह सीट है जहाँ से नितिन नवीन लगातार जनता का विश्वास जीतते रहे हैं और अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी साधारण कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास करती है।
गिरफ्तारियों के मुद्दे पर चौधरी ने कहा कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एहतियात के तौर पर कार्रवाई करती है और इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार बांकीपुर में पिछली बार की तुलना में अधिक मतदान होगा और शिक्षित मतदाता बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाएंगे।
आगे क्या
मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि बांकीपुर की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है। यह उपचुनाव बिहार की राजनीति में एनडीए, जन सुराज और विपक्ष की ताकत का अहम पैमाना माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह सीट पटना की प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में से एक है और इसके परिणाम का असर राज्य की राजनीतिक दिशा पर पड़ सकता है।