बीएयू नौवां दीक्षांत समारोह: 387 विद्यार्थियों को डिग्री, 12 को स्वर्ण पदक; राज्यपाल ने कहा — खेत में दिखे अनुसंधान की सफलता
सारांश
मुख्य बातें
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), रांची के नौवें दीक्षांत समारोह में 8 अक्टूबर 2026 को कुल 387 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 335 स्नातक, 48 स्नातकोत्तर और 4 पीएचडी शामिल हैं। इसके अलावा 11 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और 1 विद्यार्थी को प्रतिष्ठित कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह समारोह झारखंड के कृषि शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मुख्य अतिथि राज्यपाल का संबोधन
समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल एवं कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कृषि अनुसंधान को ज़मीनी हकीकत से जोड़ने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 'कृषि अनुसंधान की सफलता प्रयोगशाला में नहीं, बल्कि किसान के खेत में दिखाई देनी चाहिए।' गंगवार ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी तकनीक और पद्धतियाँ विकसित होनी चाहिए जिनसे सीमित जमीन और संसाधनों में किसानों की आय बढ़े, उत्पादन लागत घटे और मिट्टी व जल का संरक्षण हो।
उन्होंने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है। जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, जल संकट और मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट जैसी चुनौतियों के बीच विज्ञान और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
आधुनिक तकनीक और किसान — क्या है राज्यपाल की राय
राज्यपाल गंगवार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, सटीक कृषि और आधुनिक सिंचाई जैसी तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उपयोग तभी सार्थक होगा जब ये किसानों के लिए व्यावहारिक और उपयोगी हों। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें डिजिटल कृषि योजनाओं पर भारी निवेश कर रही हैं।
गौरतलब है कि झारखंड के पठारी इलाकों में वर्षाजल का एक बड़ा हिस्सा बह जाता है और सिंचाई सुविधाएँ अभी भी सीमित हैं। राज्यपाल ने जल संरक्षण, वर्षाजल के बेहतर उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
युवाओं से उद्यमिता का आह्वान
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित स्टार्टअप, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसे क्षेत्रों में रोज़गार और उद्यमिता की बड़ी संभावनाएँ हैं। युवाओं को रोज़गार तलाशने के साथ-साथ नए रोज़गार के अवसर पैदा करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य में कृषि क्षेत्र की प्रगति और किसानों के कल्याण को अहम बताया। छात्राओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियाँ शिक्षा, विज्ञान, कृषि अनुसंधान और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
रूपी सोरेन के निधन पर शोक
समारोह के दौरान राज्यपाल गंगवार ने पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ जताईं।
बीएयू की भूमिका और आगे की राह
राज्यपाल ने स्वीकार किया कि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय उन्नत फसल प्रभेदों, बीज एवं पौध सामग्री, किसान प्रशिक्षण, कृषि परामर्श और कृषि प्रसार के ज़रिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय से शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के दायरे को और व्यापक बनाने की अपेक्षा जताई। उनका संदेश स्पष्ट था — ज्ञान को खेत तक, विज्ञान को किसान तक और नवाचार को समाज तक पहुँचाना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है।